दिल्ली पुलिस की उत्तर ज़िला साइबर थाना टीम ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को जयपुर और आगरा से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ऑनलाइन टास्क पूरा करने पर भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों से पैसे ठगते थे। पुलिस ने खुलासा किया कि गिरोह ने दिल्ली की एक महिला से ₹2,96,300की ठगी की थी।
डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसे व्हाट्सऐप पर एक पार्ट-टाइम जॉब का संदेश मिला था। जब उसने रुचि दिखाई, तो उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और रेस्टोरेंट व कंपनियों को रेटिंग देने जैसे टास्क दिए गए। बाद में उसे “प्रीपेड टास्क” पूरे करने के लिए पहले भुगतान करने और बाद में लाभ मिलने का झांसा दिया गया। इसी क्रम में उसने विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में करीब तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने पर उसने साइबर पुलिस में शिकायत की, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।
इंस्पेक्टर संदीप श्रीवास्तव की अगुवाई में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंक ट्रेल और मोबाइल डेटा की मदद से छापेमारी कर आगरा और जयपुर से आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप कुशवाह (22), कुलदीप सिंह (23) और राहुल चौधरी (21) के रूप में हुई।
पूछताछ में पता चला कि कुलदीप कुशवाह ने अपने बैंक खाते को ₹4000 में बेच दिया था, जिसे कुलदीप सिंह ने आगे राहुल चौधरी को दिया। राहुल ने यह खाता साइबर गिरोह के सरगना अरविंद (निवासी नरनौल, हरियाणा) को सौंप दिया और प्रत्येक लेनदेन पर चार प्रतिशत कमीशन पाता था।
आरोपियों ने बताया कि वे सभी आगरा में बी.एससी. की पढ़ाई के दौरान मिले थे और गिरोह का मास्टरमाइंड अरविंद ने मलेशिया में साइबर क्राइम की ट्रेनिंग ली थी। वे बीते दो से तीन सालों से साइबर ठगी में सक्रिय थे। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चेक बुक, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म और पैन कार्ड बरामद किए हैं।
उत्तर जिला साइबर पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अरविंद अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।