नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 15 साल पुराने एक हत्या के मामले का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने के बाद एक फर्जी सुसाइड नोट लिखकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। आरोपी, जो पिछले 15 सालों से फरार था, को अब गुजरात से गिरफ्तार किया गया है।
31 मई 2010 को महेन्द्र पार्क पुलिस थाने को एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि दिल्ली के जहांगीर पुरी स्थित एक घर से बहुत बदबू आ रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो पाया कि घर बंद था। दरवाजा खोलने पर 25 वर्षीय महिला का शव मिला, जो पूरी तरह से सड़ चुका था। साथ ही, वहां एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया ।
डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि जांच के दौरान मृतका के पति, नरोत्तम प्रसाद, को संदिग्ध के रूप में पहचाना गया। उसे 'प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर' घोषित कर दिया गया और उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम रखा गया।
आपराधिक जांच का खुलासा
हालांकि आरोपी लंबे समय से फरार था, लेकिन 4 नवंबर 2025 को क्राइम ब्रांच के एसआई जय कुमार को आरोपी के ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद, एक टीम बनाई गई, , जो इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की निगरानी में वडोदरा, गुजरात रवाना हुई। 5 नवंबर 2025 को, पुलिस टीम ने तकनीकी और मैन्युअल इनपुट्स के जरिए नरोत्तम प्रसाद को गुजरात के छोटा उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि शादी के कुछ समय बाद उसकी पत्नी से झगड़े बढ़ गए थे। गुस्से में आकर उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फर्जी सुसाइड नोट लिखा।
नरोत्तम प्रसाद, जो राजस्थान के सीकर का निवासी है, पिछले 15 वर्षों से फरार था और गुजरात के छोटा उदयपुर में एक कपास फैक्ट्री में मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था। उसने अपनी पढ़ाई MBA (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की थी। अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।