High-tech Glasses: भारत का 77वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 को पूरे देश में मनाया जाएगा और इसके लिए देश की राजधानी दिल्ली में बड़ी तैयारी चल रही हैं। दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एडवांस्ड AI चश्मा को अनवील किया है। गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान कई पुलिस कर्मी इस चश्मे को लगाए हुए दिखाई देंगे। तो आइए जानते हैं इस चश्मे की क्या खासियत है।
अपराधियों को चंद सेकंडों में कर देगा बेनकाब
आपको बता दें कि ये वो हाई-टेक चश्मा है जो भीड़ के बीच छिपे वांछित अपराधियों, घोषित अपराधियों और संदिग्ध तत्वों को चंद सेकंडों में बेनकाब कर देगा। वहीं अगर कोई भी वॉन्टेड क्रिमिनल परेड के दौरान नजर आता है या फिर आम लोगों के बीच घुसने की कोशिश करता है, तो यह एआई चश्मा उस क्रिमिनल को आसानी से डिटेक्ट कर देगा। इसमें कैमरा, सेंसर और अलर्ट सिस्टम को शामिल किया गया है।
चश्में के अंदर लगा हुआ है कैमरा
बता दें कि इस चश्मे के अंदर कैमरा लगा हुआ है, जो पुलिस कर्मी के सामने होने वाली हर एक घटना को रिकॉर्ड करेगा। इसमें फेशियल रिकॉग्नाइजेशन, वीडियो एनालिस्ट और थर्मल इमेजिंग का यूज किया गया है। यह चश्मा एक मोबाइल कनेक्शन से लिंक होता है। साथ ही इसमें थर्मल स्कैनिंग फीचर भी दिया गया है, इससे परेड में आए लोगों की थर्मल स्कैनिंग हो सकेगी।
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हुलिया बदलकर भी नहीं हो सकेगी एंट्री
वहीं, इस चश्मे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर कोई अपराधी अपना हुलिया बदलकर या छिपाकर परेड के दौरान घुसने की कोशिश करता है, तो एआई की मदद से उसके असली चेहरे की पहचान हो सकती है और पुलिस कंट्रोल रूम तक अलर्ट चला जाएगा।
डेटाबेस में रखे गिए रिकॉर्ड से कर सकते हैं मिलान
वहीं, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, "ये स्मार्ट चश्मे भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेहरों को स्कैन कर सकते हैं और कुछ ही सेकंड में केंद्रीय डेटाबेस में रखे गिए रिकॉर्ड से उनका मिलान कर सकते हैं। मिलान हो जाने पर, प्रणाली इसे पहनने वाले को अलर्ट करता है, जिससे पब्लिक की आवाजाही को रोके बिना तत्काल वैरिफिकेशन और कार्रवाई की जा सकती है।"