Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में मौसम में बदलाव और सुबह-शाम बढ़ती ठंड के बीच वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। राजधानी की हवा लगातार चौथे दिन बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया। रोहिणी और IIT दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में शामिल रहे। सुबह 5 बजे उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 385 दर्ज किया गया, जबकि रोहिणी में यह 472 और IIT दिल्ली में 467 तक पहुंच गया। दिवाली से पहले बिगड़ते हालात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 के पार
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। रोहिणी में AQI 472 और IIT दिल्ली में 467 दर्ज किया गया। इसके अलावा पंजाबी बाग में 462, जहांगीरपुरी में 460, DTU में 453 और आरके पुरम में 439 का स्तर रिकॉर्ड किया गया। मुंडका और नरेला जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। प्रदूषण के इन आंकड़ों से साफ है कि समस्या केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी के बड़े हिस्से में जहरीली हवा का असर दिखाई दे रहा है।
चार दिनों से लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को शाम चार बजे जारी CPCB के 24 घंटे के औसत आंकड़े में राजधानी का AQI 369 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को यह 324, मंगलवार को 350 और बुधवार को 377 दर्ज किया गया था। इस दौरान प्रदूषण के कारण आसमान में धुंध की मोटी परत दिखाई दी। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम होने और वातावरण में प्रदूषक तत्वों के जमा होने से स्थिति ज्यादा गंभीर हो रही है। सुबह के समय धुंध और प्रदूषण का मिश्रण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।
पराली और वाहनों से निकलने वाला धुआं बढ़ा रहा परेशानी
दिल्ली की हवा खराब होने के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों की धूल और आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं शामिल हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी करीब 15.6 प्रतिशत थी, जिसके शुक्रवार को बढ़कर 19.2 प्रतिशत होने का अनुमान जताया गया। वहीं, वाहनों से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी भी बढ़ने की आशंका है। हवा की धीमी गति के कारण ये प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं।
दिवाली तक गंभीर रह सकती है प्रदूषण की स्थिति
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में शुक्रवार से रविवार तक हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। अगले कुछ दिनों तक प्रदूषण का स्तर बहुत खराब और गंभीर श्रेणी के बीच बने रहने की आशंका है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और बाहर जाना जरूरी हो तो अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करें। घरों में धूल और धुएं के प्रवेश को कम रखने की कोशिश करें। दिवाली से पहले राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता स्तर प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।