
दिल्ली की हवा में फैला जहर अब सिर्फ सेहत नहीं, बल्कि सियासत का बड़ा मुद्दा बन चुका है. राजधानी में सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए. इस बीच कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों से एक साथ मिलकर प्रदूषण से निपटने की अपील की है. प्रियंका ने कहा कि दिल्ली की हवा अब सिर्फ खराब नहीं, बल्कि खतरनाक हो चुकी है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को टैग करते हुए लिखा अब वक्त आ गया है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर कुछ किया जाए लेकिन इस बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी.
प्रियंका की अपील और बीजेपी का पलटवार
प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि केरल के वायनाड और बिहार के बछवाड़ा से दिल्ली लौटते वक्त एयर क्वालिटी देखकर झटका लगा. अब राजनीतिक मजबूरियों को पीछे छोड़ने का समय है. प्रियंका की इस अपील को कई लोगों ने सराहा, मगर बीजेपी ने इसे राजनीतिक दिखावा बताया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि 2009 में शीला दीक्षित की सरकार के वक्त ही दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी थी. तब प्रियंका गांधी कहां थीं?. उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 2022 तक कांग्रेस की सरकार रही जिसने पराली जलाने पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया. वही पराली आज दिल्ली की हवा को जहर बना रही है. बीजेपी का दावा है कि इस साल सर्दियों में दिल्ली का प्रदूषण स्तर पिछले दशक में सबसे बेहतर नियंत्रण में है.
इंसानियत बनाम राजनीति की जंग
प्रियंका गांधी का राजनीतिक मतभेद भूलने वाला बयान अब एक नई बहस को जन्म दे चुका है. उन्होंने कहा कि हर साल दिल्ली के नागरिक इस जहरीली हवा को झेलते हैं. खासकर बच्चे, बुजुर्ग और सांस के मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. अब वक्त है कि राजनीति नहीं, इंसानियत के लिए एकजुट हों. ये बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली का AQI 400 के पार पहुंच चुका है, स्कूलों में छुट्टियां दी जा रही हैं और डॉक्टर लगातार चेतावनी दे रहे हैं. जनता अब सवाल कर रही है कि आखिर कब तक इस स्मॉग पॉलिटिक्स में उनका दम घुटता रहेगा.
सरकारों के दावे और सच्चाई
वहीं, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू किया है, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जेनरेटर पर बैन और ट्रकों के प्रवेश पर नियंत्रण जैसे कदम उठाए गए हैं. गुप्ता ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी सच में चिंतित हैं, तो कांग्रेस शासित राज्यों से भी कहें कि पराली जलाने पर सख्ती करें. केंद्र सरकार ने भी राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत 2027 तक प्रदूषण 40% घटाने का लक्ष्य रखा है लेकिन विपक्ष का कहना है कि योजनाएं बनती हैं, असर कम दिखता है.