राष्ट्रीय राजधानी में जारी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। बीते 48 घंटों के भीतर प्रदर्शनकारियों से जुड़े अलग-अलग घटनाक्रमों को लेकर दिल्ली के पांच पुलिस थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें एक मामला कनॉट प्लेस क्षेत्र में तैनात आरएएफ जवान पर कथित हमले से भी जुड़ा है। सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पांच थानों में दर्ज हुईं 10 एफआईआर
प्रदर्शन के दौरान सामने आए अलग-अलग घटनाक्रमों के आधार पर दिल्ली के पांच पुलिस थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संसद मार्ग थाना में सबसे अधिक चार एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा कनॉट प्लेस थाना में तीन, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थाना में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच नियमानुसार जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरएएफ जवान पर कथित हमले का मामला भी शामिल
दर्ज मामलों में एक एफआईआर कनॉट प्लेस क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात आरएएफ जवान पर कथित हमले से संबंधित है। यह मामला मंगलवार शाम दर्ज किया गया। पुलिस इस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ के साथ उपलब्ध वीडियो एवं अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
बाराखंभा थाने में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज
बाराखंभा रोड थाना में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें लोक सेवक के कार्य में बाधा डालना, सरकारी आदेश की अवज्ञा, लोक सेवक पर हमला, गैरकानूनी जमावड़े के दौरान चोट पहुंचाना, गैरकानूनी सभा का सदस्य बने रहना, दंगा, दंगे के लिए उकसाना, हत्या के प्रयास, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम (PDPP Act) की धारा 3 भी शामिल है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर प्रशासन का जोर
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस विभिन्न स्थानों पर निगरानी बनाए हुए है। दर्ज एफआईआर के आधार पर घटनाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार सभी मामलों की विवेचना जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जिन धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, उनके अनुरूप कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल संबंधित थानों की टीमें घटनाओं से जुड़े तथ्यों को एकत्र कर रही हैं और आवश्यक दस्तावेजी व तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।