नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर धमाके की गूंज से दहल उठी है। यह वही दिल्ली है, जिसका आतंकी हमलों और बम धमाकों से गहरा और दर्दनाक रिश्ता रहा है। हालांकि यह भी सच है कि फरवरी 2012 के बाद बीते 13 वर्षों में दिल्ली में कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ था, लेकिन अब एक बार फिर धमाके ने उस पुरानी दहशत को लौटा दिया है।
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां राजधानी में हर एंगल से जांच कर रही हैं, वहीं लोगों के जहन में एक बार फिर वो सभी पुराने आतंकी हमले ताजा हो गए हैं, जिन्होंने कभी दिल्ली को दहला दिया था।
13 फरवरी 2012:
दिल्ली में इजराइल के राजनयिकों को निशाना बनाकर हमला किया गया था। यह राजधानी में हुआ आखिरी आतंकी हमला था।
7 सितंबर 2011:
दिल्ली हाईकोर्ट के गेट नंबर-5 के पास धमाका हुआ था। इस भीषण विस्फोट में 15 लोगों की मौत और 79 लोग घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी नामक आतंकी संगठन ने ली थी।
27 सितंबर 2008:
महरौली के सराय इलाके की फूल मंडी में दो धमाके हुए। इस घटना में 3 लोगों की मौत और 23 लोग घायल हुए।
13 सितंबर 2008:
राजधानी के दिल — करोल बाग, कनॉट प्लेस और ग्रेटर कैलाश-1 में पांच सिलसिलेवार धमाके हुए थे। इन धमाकों में 20 से 30 लोगों की मौत और 90 से अधिक लोग घायल हुए थे। धमाकों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली थी।
29 अक्टूबर 2005:
दिवाली से दो दिन पहले दिल्ली में तीन सिलसिलेवार धमाके हुए — पहाड़गंज, गोविंदपुरी और सरोजनी नगर मार्केट में। इन धमाकों में 62 लोगों की मौत और 210 लोग घायल हुए। जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली थी।
13 दिसंबर 2001:
आतंकवादियों ने लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन परिसर पर हमला किया। आतंकियों की फायरिंग में 9 लोगों की मौत हुई, जबकि सुरक्षाबलों की कार्रवाई में पांचों आतंकवादी मार गिराए गए। इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था।
22 दिसंबर 2000:
आतंकियों ने लाल किला में हमला बोला। ओपन फायरिंग में 3 लोगों की मौत हुई। इस वारदात को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था।
21 मई 1996:
लाजपत नगर बाजार में बम धमाका हुआ, जिसमें 13 लोगों की मौत और 39 लोग घायल हुए थे।
दिल्ली की धरती पर हुए ये हमले देश की राजधानी की सुरक्षा पर हमेशा सवाल उठाते रहे हैं। अब जब 13 साल बाद फिर धमाके की आवाज गूंजी है, तो दिल्ली एक बार फिर उसी भयावह यादों से गुजर रही है, जिनका दर्द आज भी जिंदा है।