Delhi SIR Notices : दिल्ली में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। कई बड़े नेताओं को नोटिस मिलने के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है।
आडवाणी समेत कई बड़े नामों को नोटिस
SIR प्रक्रिया के दौरान जिन प्रमुख लोगों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई चर्चित नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इन नोटिसों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
खरगे ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर लंबी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से ही SIR प्रक्रिया को खामियों से भरी बता रही थी। उनका कहना है कि अब इस प्रक्रिया के दायरे में बड़े राजनीतिक चेहरे भी आ रहे हैं, जिससे इसकी कमियां सामने दिखाई दे रही हैं।
वोटर सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
खरगे ने दावा किया कि कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि अपील के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम दोबारा जोड़े गए। कांग्रेस का सवाल है कि अगर लोग बाद में सही पाए गए तो पहले उनके नाम किस आधार पर हटाए गए थे।
VIP वोटर वाले मुद्दे पर भी बहस
कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की एक प्रेस विज्ञप्ति का जिक्र करते हुए “VIP/Marked Electors” शब्द पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सभी मतदाताओं का अधिकार बराबर है और किसी भी तरह की विशेष श्रेणी को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।
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चुनाव आयोग का पक्ष भी अहम
चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि नोटिस मिलने का मतलब किसी मतदाता का नाम हट जाना नहीं है। आयोग के मुताबिक, रिकॉर्ड में पाई गई विसंगतियों की जांच के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं और संबंधित व्यक्ति दस्तावेज देकर अपना पक्ष रख सकता है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले सभी मामलों की समीक्षा की जाएगी।