दिल्ली में छात्र प्रदर्शन और "चलो संसद" मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद अब दिल्ली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष सामने रखा है। पुलिस अधिकारियों और जवानों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उन पर मिर्च स्प्रे किया गया, पथराव हुआ और कुछ कर्मियों के साथ मारपीट की गई। पुलिस का दावा है कि वह केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभा रही थी और इसी दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
ड्यूटी के दौरान हमले का दावा
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया। ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के एक हिस्से ने उन पर मिर्च स्प्रे किया और पथराव किया। पुलिस का दावा है कि कई जवानों को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वे घायल हुए। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा।
पुलिस अधिकारियों ने साझा किया अनुभव
ड्यूटी में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ हाथापाई की गई। उनका आरोप है कि इस दौरान उनकी सोने की चेन भी छीन ली गई और सिर पर चोट आई। वहीं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो उसी घटना का हिस्सा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को भीड़ ने घेर लिया था और उसके साथ मारपीट की गई।
पथराव में अधिकारी घायल होने का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन वाली शाम जंतर-मंतर क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी पथराव में घायल हो गए। पुलिस का कहना है कि उनके माथे पर पत्थर लगने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं ने ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। घटनास्थल के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है।