Delhi Swelters in Intense Heat: दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का दौर जारी है। रविवार को राजधानी में पिछले दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में देरी के कारण राजधानी में गर्मी और उमस दोनों का असर बढ़ गया है। लोगों को दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।
सभी मौसम केंद्रों पर सामान्य से अधिक तापमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सफदरजंग के अलावा पालम, लोधी रोड, रिज और आयानगर समेत सभी प्रमुख मौसम केंद्रों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। शाम के समय महसूस होने वाला तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का एहसास हुआ।
मानसून की देरी बनी बड़ी वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मानसून सामान्य समय से लगभग एक सप्ताह की देरी से आगे बढ़ रहा है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण उमस भी बढ़ गई है। यही वजह है कि राजधानी में गर्मी का असर सामान्य से अधिक महसूस किया जा रहा है।
4 जुलाई तक दिल्ली पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 30 जून या 1 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश, 2 या 3 जुलाई तक उत्तराखंड और लगभग 4 जुलाई तक दिल्ली पहुंच सकता है। विभाग ने सोमवार से गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि मंगलवार और बुधवार को मौसम की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है।
वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में
गर्मी के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। समीर ऐप के अनुसार, राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 162 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून की बारिश शुरू होने के बाद तापमान में गिरावट आने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।