दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तार 6 संदिग्धों से पूछताछ में जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार, दिल्ली की न्यू पुलिस लाइन, आनंद विहार बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी की गई थी। आरोप है कि इन स्थानों के वीडियो एक प्रतिबंधित ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर को भेजे गए थे।
फोन से मिले वीडियो और चैट
जांच में संदिग्धों के मोबाइल फोन से कई वीडियो और कथित चैट बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन चैट में कथित तौर पर हमले की तैयारी और निर्देशों का जिक्र है। इसके अलावा राजघाट के पीछे विजय घाट इलाके से पेट्रोल बम भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।
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हर आरोपी की बताई गई अलग भूमिका
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। किसी पर रेकी करने, किसी पर कथित तौर पर हथियार लाने, किसी पर वीडियो बनाने और किसी पर सप्लाई नेटवर्क संभालने का आरोप है। पुलिस का यह भी दावा है कि कुछ आरोपी पाकिस्तान में बैठे अन्य संदिग्ध लोगों के संपर्क में थे और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी आरोपों की पुष्टि के लिए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। अभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था।