Delhi to Bihar Festival Special Trains : दिवाली में अब सिर्फ पांच दिन बाकी हैं और घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कन्फर्म ट्रेन टिकट हासिल करना है। दिल्ली से बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी हो चुकी है। ऐसे में कई लोगों के सामने सवाल है कि आखिर त्योहार पर अपने घर कैसे पहुंचें? हालांकि, टिकटों की किल्लत के बीच भी कुछ ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जिनकी मदद से सफर का रास्ता निकल सकता है। रेलवे की ओर से चलाई जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों से लेकर तत्काल कोटे तक, यात्रियों के पास कई विकल्प हैं।
वंदे भारत स्पेशल से पहुंच सकते हैं पटना
दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन एक विकल्प है। यह ट्रेन नई दिल्ली और पटना के बीच चलाई जा रही है। ट्रेन संख्या 02252 नई दिल्ली से सुबह 8:35 बजे रवाना होकर रात 9:30 बजे पटना पहुंचती है। इसमें चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार की सुविधा उपलब्ध है।
रास्ते में इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव
इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा में निर्धारित किया गया है। ऐसे में इन शहरों या आसपास के इलाकों में जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह उपयोगी हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन 25 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित होगी।
त्योहार स्पेशल ट्रेनों पर रखें नजर
दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बिहार के अलग-अलग शहरों के लिए कई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। इनमें दिल्ली और आनंद विहार से रवाना होने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं। इसलिए नियमित ट्रेनों में टिकट नहीं मिलने पर यात्रियों को रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की सूची और उपलब्ध सीटों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
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तत्काल टिकट से बन सकता है काम
अगर सामान्य कोटे में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है तो तत्काल टिकट भी एक विकल्प हो सकता है। तत्काल बुकिंग यात्रा की तारीख से एक दिन पहले खुलती है। एसी क्लास के लिए सुबह 10 बजे और नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11 बजे टिकट बुक किए जा सकते हैं। हालांकि, इस कोटे में सीटें सीमित होती हैं और मांग अधिक होने के कारण टिकट जल्दी खत्म हो सकते हैं।
आसपास के स्टेशनों से तलाशें सफर का रास्ता
अगर अपने गंतव्य स्टेशन तक टिकट उपलब्ध नहीं है तो आसपास के दूसरे स्टेशनों के लिए भी सीटों की तलाश की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, सीवान जाने वाले यात्री छपरा, पटना या सोनपुर तक का टिकट देख सकते हैं। वहां से बस, दूसरी ट्रेन या अन्य साधन के जरिए आगे की यात्रा पूरी की जा सकती है। इस तरह ब्रेक जर्नी का विकल्प अपनाकर दिवाली पर घर पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है।