Delhi Turkman Gate stone pelting case: दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान एमसीडी टीम पर हुई पत्थरबाजी की घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। नगर निगम की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के तहत बताई जा रही है। इसी दौरान विरोध और तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बिगड़ने की खबरें सामने आईं। पुलिस के अनुसार, हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया और इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।
सांसद का नाम सामने
इस प्रकरण में समाजवादी पार्टी के रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम सामने आया है। आरोप है कि वे देर रात घटनास्थल के आसपास मौजूद थे और कथित तौर पर भीड़ को भड़काने की भूमिका रही। हालांकि, यह सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और पुलिस पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। नदवी संसद परिसर के पास स्थित एक मस्जिद से जुड़े बताए जाते हैं, जिसे लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
#WATCH | दिल्ली: ज्वाइंट CP मधुर वर्मा ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने पर कहा, "100-150 के करीब उपद्रवी थे जिन्होंने पुलिस पर पथराव किया। कुछ लोगों को चिह्नित किया गया है। 5 गिरफ्तारियां हुई है, 10-15 लोगों को हिरासत में लिया गया है... जो लोग… pic.twitter.com/OxlXw8XgUS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 7, 2026
बीजेपी की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नवीन कोहली ने इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया है। उनका कहना है कि प्रशासन अदालत के आदेशों का पालन कर रहा था, बावजूद इसके राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ। कोहली ने सवाल उठाया कि देर रात किसी सांसद का मौके पर पहुंचना क्या किसी साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने सपा नेतृत्व से इस पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की है।
माहौल बिगाड़ने का आरोप
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि इस मामले में धर्म को राजनीति से जोड़कर माहौल को तनावपूर्ण बनाया गया। उनका कहना है कि भड़काऊ बयानों और गतिविधियों से आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। साथ ही यह भी कहा गया कि इस तरह की राजनीति से शांति भंग होती है और प्रशासन के काम में बाधा आती है।
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पुलिस कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की सात अलग-अलग धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक कम से कम 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, जिन लोगों पर पत्थर फेंकने का आरोप है, उनमें आदिल कासिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, उजैफ और आजिम इरफान के नाम शामिल हैं। सभी से पूछताछ जारी है।
आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने उन व्यक्तियों की भी पहचान की है जिन पर वीडियो और ऑडियो संदेश सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफवाहें कैसे फैलीं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, घटना के समय 100 से 150 लोगों की भीड़ सक्रिय थी। मामले की जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।