पूर्वी दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी की 45 वर्षीय सहायक प्रोफेसर देबोश्मिता पॉल की निर्मम हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए पश्चिम बंगाल के बर्दवान निवासी एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे पुश्तैनी संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद मुख्य कारण था।
देबोश्मिता पॉल का शव गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एक सोसायटी के फ्लैट से बरामद हुआ था। हत्या इतनी बेरहमी से की गई थी कि घटनास्थल का दृश्य देखकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। मृतका के सिर पर गहरे घाव थे, दोनों हाथों की कलाइयों पर गंभीर चोटें थीं और शरीर पर कई स्थानों पर हमले के निशान मिले थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में देबोश्मिता पॉल दिल्ली के राजा गार्डन स्थित एक कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुई थीं। वर्ष 2022 में पति से अलग होने के बाद वह दिल्ली में अकेली रह रही थीं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दंपति महिला प्रोफेसर के दूर के रिश्तेदार हैं और कोलकाता स्थित उनके पुश्तैनी मकान में किरायेदार के रूप में रहते थे। मृतका का परिवार दिल्ली में बस चुका था, लेकिन कोलकाता की पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था।
पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी दंपति लंबे समय से उस मकान को खरीदना चाहते थे। मृतका के माता-पिता और अन्य परिजन मकान बेचने के पक्ष में थे, लेकिन देबोश्मिता पॉल किसी भी कीमत पर अपनी पुश्तैनी संपत्ति बेचने को तैयार नहीं थीं। इसी कारण आरोपियों ने उन्हें रास्ते का कांटा मानते हुए हत्या की साजिश रची।
जांच में पता चला कि आरोपी दंपति अपने बच्चे के साथ कोलकाता से दिल्ली आए ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। वे हथियार बैग में छिपाकर लाए थे। फ्लैट तक पहुंचने के लिए उन्होंने लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल किया। घर में प्रवेश करने के बाद उन्होंने प्रोफेसर पर जानलेवा हमला किया और हत्या को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार वारदात के लगभग 30 मिनट बाद आरोपी वहां से निकल गए। उनके लिए पहले से एक कैब बुक की गई थी, जिसके जरिए वे दिल्ली से रवाना होकर वापस कोलकाता पहुंच गए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित सोसायटी में आने-जाने वाले करीब 200 लोगों का विवरण खंगाला। इनमें से 13 संदिग्धों को चिन्हित किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की सात टीमों ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर सैकड़ों लोगों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध कैब चालक से भी पूछताछ की और राइड डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई पड़ताल के बाद बर्दवान से आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे संपत्ति विवाद की पुष्टि हुई है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।