अब डेटिंग,
प्यार, ब्रेकअप और भावनात्मक हिंसा
जैसे विषयों पर भी मिलेगा
पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण — DU ने
शुरू किया भारत का
पहला ऐसा कोर्स जो
रिश्तों को समझने, संभालने
और सही निर्णय लेने
में युवाओं की करेगा मदद ...
नई दिल्ली। बदलते सामाजिक परिवेश और युवाओं में बढ़ती भावनात्मक जटिलताओं को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र से स्नातक छात्रों के लिए एक अनोखा वैकल्पिक कोर्स लॉन्च किया है। इस कोर्स का नाम है "नेगोशिएटिंग इंटिमेट रिलेशनशिप्स"। इसका उद्देश्य युवाओं को
डेटिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और आधुनिक रोमांटिक संबंधों की जटिलताओं को समझने में मदद देना है। कोर्स में विद्यार्थियों को प्यार, ईर्ष्या, ब्रेकअप, भावनात्मक हिंसा जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे स्वस्थ और सम्मानजनक रिश्ते बना सकें।
सभी
स्नातक छात्रों के लिए खुला
रहेगा कोर्स
यह चार क्रेडिट का कोर्स होगा, जिसमें 12वीं पास कोई भी छात्र भाग ले सकता है, चाहे वह किसी भी विषय का विद्यार्थी हो। कोर्स की संरचना मनोविज्ञान विभाग द्वारा तय की गई है और इसका उद्देश्य भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्म-संवेदनशीलता और रिश्तों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
कोर्स की संरचना: चार यूनिट में होंगे व्यावहारिक और मनोवैज्ञानिक पहलू
1. दोस्ती और नजदीकी रिश्तों का मनोविज्ञान:
इस यूनिट में दोस्ती और करीबी रिश्तों की मानसिक और सामाजिक संरचना पर फोकस किया जाएगा।
2. प्रेम और कामुकता के सिद्धांत:
रॉबर्ट स्टर्नबर्ग के त्रिकोणीय प्रेम सिद्धांत, दो-कारक सिद्धांत जैसे प्रमुख मनोवैज्ञानिक मॉडल्स पर चर्चा होगी।
3. रिश्तों में खतरे के संकेत:
ईर्ष्या, भावनात्मक शोषण, गुस्सा, और अंतरंग साथी हिंसा जैसे संकेतों की पहचान और प्रबंधन की समझ दी जाएगी।
4. स्वस्थ और दीर्घकालिक रिश्ते:
सकारात्मक संबंध कैसे बनाए रखें, इसमें संवाद, सम्मान और सहमति पर बल दिया जाएगा।
फिल्मों
और इंटरैक्टिव टास्क के ज़रिए होगी
पढ़ाई
कोर्स में हर सप्ताह तीन लेक्चर और एक ट्यूटोरियल रखा गया है। ट्यूटोरियल सेशनों में "कबीर सिंह" और "टाइटैनिक" जैसी फिल्मों का विश्लेषण, डेटिंग कल्चर पर डिबेट, सोशल मीडिया नेटवर्क पर चर्चा, और खुद का प्रेम स्केल टेस्ट जैसे रोचक टास्क शामिल हैं।
क्यों
जरूरी है यह कोर्स?
युवाओं के बीच बढ़ती भावनात्मक अस्थिरता, रिलेशनशिप टॉक्सिसिटी और ब्रेकअप से जुड़ी मानसिक परेशानियों को कम करने के लिए यह कोर्स समय की जरूरत बन गया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी का मानना है कि शैक्षणिक दृष्टिकोण से इमोशनल हेल्थ पर ध्यान देना, छात्रों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। यह कोर्स सामाजिक स्तर पर भी जिम्मेदार और समझदार युवा नागरिक तैयार करने में सहायक होगा।
अंतिम
लक्ष्य: रिश्तों में संवेदनशीलता और
आत्मनिर्भरता
कोर्स का फोकस छात्रों को ऐसे उपकरण देना है जिससे वे अपने रिश्तों में आत्म-निरीक्षण कर सकें, समस्याओं को पहले पहचान सकें और स्वस्थ, टिकाऊ, सहमतिपूर्ण संबंध बना सकें। युवाओं को सिर्फ करियर नहीं, रिश्तों में भी सफल बनाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।