Delhi Voter List SIR Controversy : दिल्ली की मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने के दावे के बीच चुनाव आयोग के आंकड़ों ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसी बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि 31 अगस्त से 22 अक्टूबर 2026 के बीच फॉर्म-6 के 2,50,754 आवेदन मिले। इनमें नए मतदाताओं के साथ एसआईआर के दौरान सूची से हटाए गए नाम दोबारा जुड़वाने के आवेदन भी शामिल हैं। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।
चुनाव आयोग ने क्या आंकड़े दिए?
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, 22 अक्टूबर तक फॉर्म-6 के कुल 2,50,754 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं, 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची जारी होने से पहले भी 2,12,400 आवेदन मिल चुके थे। फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और पात्र होने पर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। अधिकारी के अनुसार, 20 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच ही 1,58,470 आवेदन आए। आयोग ने लोगों से अपील की है कि अगर उनका नाम सूची में नहीं है, तो वे जरूरी प्रक्रिया पूरी करके आवेदन करें।
33 लाख मामलों में से करीब 30 लाख का समाधान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि जिन 33 लाख लोगों के मामलों को चिह्नित किया गया था, उनमें से करीब 29 लाख 95 हजार मामलों का समाधान कर लिया गया है। कार्यालय के अनुसार, इन लोगों के नाम अंतिम मतदाता सूची में बने रहेंगे, जब तक कि कोई व्यक्ति फॉर्म-7 के जरिए आपत्ति दर्ज नहीं कराता या नाम हटाने की मांग नहीं करता। ऐसी स्थिति में संबंधित मामले की दोबारा जांच की जाएगी। हालांकि, योगेंद्र यादव ने दावा किया है कि दिल्ली की मतदाता सूची से 47.6 लाख नाम हटाए गए हैं और इसके मुकाबले फॉर्म-6 के तहत केवल करीब 2.5 लाख आवेदन आए हैं।
पश्चिमी दिल्ली से सबसे ज्यादा आवेदन
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के अलग-अलग जिलों से फॉर्म-6 के आवेदन मिले हैं। पश्चिमी दिल्ली में सबसे ज्यादा 30,361 आवेदन दर्ज किए गए। इस क्षेत्र में तिलक नगर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और विकासपुरी जैसे इलाके शामिल हैं। इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली से 25,925 आवेदन आए, जबकि पूर्वी दिल्ली से 24,200 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकारियों ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाए गए हैं। 20 सितंबर से अब तक करीब 89 हजार शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
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योगेंद्र यादव ने किया मानव श्रृंखला का आह्वान
मतदाता सूची के मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से शनिवार शाम चार बजे टैंक बंड पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ मानव श्रृंखला बनाने की अपील की। यादव ने इसे कथित वोट चोरी के खिलाफ और चुनावी लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी बताया। इससे पहले दिल्ली, जयपुर समेत कई शहरों में विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन में 15 से ज्यादा संगठनों के शामिल होने की जानकारी दी गई। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की मांग उठाई।
अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। इसके बाद 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम बताया गया है। आयोग ने पात्र लोगों से फॉर्म-6 भरने की अपील की है, ताकि उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। दूसरी ओर, एसआईआर को लेकर राजनीतिक विरोध जारी है। केरल के बाद पंजाब सरकार की ओर से भी इस प्रक्रिया के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब इस पूरे मामले में मतदाता सूची के अंतिम आंकड़ों पर सबकी नजर रहेगी।