दिल्ली के 22 लाख लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रेखा सरकार ने वह काम कर दिखाया जिसकी मांग दिल्लीवासी कई सालों से कर रहे थे राजधानी की सबसे पुरानी और सबसे खराब पानी सप्लाई व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने की मंजूरी दे दी गई है। 2406 करोड़ रुपये की इस मेगा योजना को कैबिनेट से हरी झंडी मिल चुकी है और इसे दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा वॉटर-अपग्रेड प्रोजेक्ट माना जा रहा है। दावा है कि इस फैसले से हजारों परिवारों के घर का खर्च कम होगा क्योंकि अब टैंकर का झंझट, RO के भारी बिल और बदबूदार पानी की समस्या खत्म होने वाली है।
JICA की मदद से चलाई जाएगी योजना
यह योजना जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी की मदद से चलाई जाएगी, जिसमें करीब 1704 करोड़ रुपये जापान देगा और बाकी खर्च दिल्ली सरकार करेगी। यह पूरा प्रोजेक्ट चंद्रावल कैचमेंट एरिया में लागू होगा—जहां 70–80 साल पुरानी पाइपलाइनें रिसाव और गंदगी की सबसे बड़ी वजह थीं। इस क्षेत्र में पटेल नगर, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, राजेंद्र नगर, मॉडल टाउन और RK पुरम जैसे बड़े इलाके आते हैं।
1000 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन में बदलाव
योजना के तहत सबसे बड़ा बदलाव 1000 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को पूरी तरह बदलना होगा. साथ ही चंद्रावल जल संयंत्र की क्षमता 90 MGD से बढ़ाकर 115 MGD की जाएगी, जिससे दिल्ली को रोज़ 25 मिलियन गैलन अतिरिक्त पानी मिलेगा। इसके अलावा 21 अंडरग्राउंड जलाशयों की मरम्मत और नए जलाशयों का निर्माण किया जाएगा ताकि पानी स्टोर करने और प्रेशर बनाए रखने में कोई दिक्कत न आए। पूरा नेटवर्क एक आधुनिक SCADA कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा जाएगा ताकि लीकेज, कम प्रेशर या गंदे पानी की शिकायतों पर 24×7 तुरंत कार्रवाई हो सके।
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काम की धीमी रफ्तार को लेकर चिंता
हालांकि कुछ इलाकों में काम की धीमी रफ्तार को लेकर चिंता भी है। नॉर्थ दिल्ली के लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के नाम पर कई जगह धूल और खुदाई की समस्या बनी हुई है। लेकिन सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ पाइपलाइन बदलने का नहीं बल्कि दिल्ली की पानी व्यवस्था को पूरी तरह नया रूप देने का ब्लूप्रिंट है। रेखा सरकार का दावा है कि यह पिछले 30 सालों की सबसे बड़ी वॉटर-रिवैम्प योजना है और इसके पूरा होते ही दिल्ली साफ, सुरक्षित और लगातार पानी वाली राजधानी बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा देगी।