लखनऊ, लोकसत्य। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने परिसीमन (सीटों के पुनर्निर्धारण) को लेकर बड़ा बयान दिया है। हरदोई जिले के वैटगंज स्थित अपने आवास पर मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी परिसीमन के बाद हरदोई लोकसभा सीट आरक्षित से सामान्य श्रेणी में बदल जाती है, तो वे जरूर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और वह भी भाजपा के टिकट पर।
मुझे मौका मिला तो मैं मैदान में उतरूंगा - नरेश
नरेश अग्रवाल ने कहा, परिसीमन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण करेगी। वर्तमान में हरदोई सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, लेकिन अगर यह सामान्य हो जाती है, तो मैं भाजपा से चुनाव लड़ूंगा। पार्टी मुझे मौका देगी तो मैं मैदान में उतरूंगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा के नेतृत्व में देश मजबूत हो रहा है और उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति और बेहतर होगी।
विपक्ष करता है तुष्टिकरण की राजनीति
अग्रवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ पार्टियां तुष्टिकरण की राजनीति करती हैं, जबकि भाजपा विकास और हिंदुत्व की आधार पर काम कर रही है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण, धारा 370 हटाने और महिलाओं को आरक्षण जैसे मुद्दों का जिक्र कर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दें, क्योंकि परिसीमन के बाद कई सीटों पर बदलाव आएगा।नरेश अग्रवाल हरदोई की राजनीति में प्रभावशाली नेता रहे हैं। पूर्व में समाजवादी पार्टी से जुड़े रहने के बाद 2018 में वे भाजपा में शामिल हुए थे। उनके बेटे नितिन अग्रवाल उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
वैटगंज आवास पर आयोजित इस अनौपचारिक मुलाकात में कई भाजपा पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद थे। अग्रवाल ने जनता की समस्याएं भी सुनीं और पार्टी की नीतियों का प्रचार किया। यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि परिसीमन 2026 के बाद लागू होने की संभावना है और इससे कई सीटों की प्रकृति बदल सकती है।