झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपनी जिद छोड़कर जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की छात्रों की मांग तुरंत मान लेनी चाहिए।
हठधर्मी रवैया छोड़ना चाहिए
छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग बिल्कुल जायज है। इस पर सरकार को हठधर्मी रवैया छोड़ना चाहिए। बाबूलाल मरांडी रविवार सुबह अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर झारखंड विधानसभा स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
प्रतिभाशाली बच्चों के साथ अन्याय
मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने कहा कि जिस तरह जेएसएससी और जेपीएससी में नौकरियां बेचे जाने की बातें सामने आ रही हैं, उससे स्थिति गंभीर है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में ऐसे दावे सामने आ रहे हैं कि किसने पैसे देकर नौकरी हासिल की। यह झारखंड के प्रतिभाशाली बच्चों के साथ अन्याय है। इसलिए छात्र सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। वे कोई बड़ी मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी सीधी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।
मामले में जल्द पहल करने की अपील
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जांच होने पर जिन लोगों ने गड़बड़ी की है, वे जेल जाएंगे। इसमें सरकार को आपत्ति क्यों होनी चाहिए। सरकार को छात्रों को लगातार आंदोलन के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। भाजपा की आंदोलित छात्रों के प्रति पूरी सहानुभूति है और पार्टी नैतिक रूप से उनके साथ खड़ी है। छात्रों की मांग को जायज बताते हुए उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द पहल करने की अपील की।
अभद्र भाषा और आपत्तिजनक व्यवहार देखने को मिला
वहीं दूसरी ओर, भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि झारखंड के छात्र और युवा पिछले 22 दिनों से बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश ने हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र प्रदर्शन को भी देखा, जहां कथित तौर पर अनुशासनहीनता, अभद्र भाषा और आपत्तिजनक व्यवहार देखने को मिला।