Justice For Bharat Tiwari: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। भरत तिवारी के परिवार ने करणी सेना और परशुराम सेना के समर्थन के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी का पुलिस एनकाउंटर फर्जी था और इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरने में बड़ी संख्या में समर्थक भी शामिल हुए हैं, जो दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर पांच प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन
धरने में शामिल लोगों ने केंद्र और बिहार सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा भरत तिवारी के परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने, पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भरत तिवारी जिन सामाजिक कार्यों से जुड़े थे, उन्हें सरकार की ओर से आगे बढ़ाने की मांग भी की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परिवार ने दिल्ली में आंदोलन की बताई वजह
भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में लगातार अपनी बात रखने के बावजूद सरकार की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इसी कारण परिवार ने अब दिल्ली का रुख किया है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज उठा सके। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका अनशन और धरना समाप्त नहीं होगा।
आरा एनकाउंटर के बाद बढ़ा विवाद
17 जून 2026 को बिहार के आरा में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी। शुरुआती जानकारी में पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। हालांकि बाद में एक फेसबुक लाइव वीडियो सामने आया, जिसमें वह कथित तौर पर पुलिस के सामने अपना हथियार फेंकते हुए दिखाई दिए। इस वीडियो के सामने आने के बाद एनकाउंटर को लेकर सवाल उठने लगे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई। फिलहाल इस पूरे मामले की न्यायिक जांच जारी है।
गिरफ्तारी नहीं होने से बढ़ा असंतोष
एनकाउंटर मामले में जांच और केस दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिवार और समर्थकों में नाराजगी बनी हुई है। विभिन्न सामाजिक और जातीय संगठनों ने भी इस मामले में न्याय की मांग का समर्थन किया है। वहीं, भरत तिवारी का इलाज करने वाले सर्जन डॉ. एच. एम. अंसारी ने पहले बताया था कि उन्हें चार से पांच गोलियां लगी थीं। इसी बीच प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की मांग को लेकर अपना आंदोलन लगातार जारी रखे हुए हैं।