Weight Loss Drugs: भारत में वजन कम करने वाली दो दवाएं मौजूद होते हैं, पहली दवा एली लिली कंपनी मौनजारो है, जिसे मार्च में लॉन्च किया गया था, तो वहीं दूसरी दवा वेगोवी है, जिसे जूस के आखिरी सप्ताह में लॉन्च किया गया था। हालांकि ये दोनों ही दवाएं मुख्य रूप से डायबिटीज को मैनेज करने के लिए उपयोग की जाती हैं। लेकिन ये वेट लॉस में भी मदद करती हैं। भारत में करीब 40 प्रतिशत लोग मोटापे से ग्रस्त हैं, ऐसे में ये दवाइयां कितने लोग प्रयोग कर रहे हैं और क्या इससे सच में मोटापा कम किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं।
दवाओं की तेजी से बढ़ रही मांग
बता दें कि पिछले कुछ समय में मोटापा घटाने वाली दवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। मोटापे को कंट्रोल करने वाली दवा मौनजारो ने भारत में तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। इस दवा के लॉन्च होने के सिर्फ तीन महीनों के भीतर इसकी बिक्री 50 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। गोल्डमैन सैश के अनुसार, इस कैटेगरी की दवाओं का वैश्विक बाजार 2030 तक लगभग 10,790 अरब रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
दवा की बिक्री 7 गुना बढ़ी
Reuters के मुताबिक, मौनजारो की मासिक बिक्री मई में 13 करोड़ रुपये से बढ़कर जून में 26 करोड़ रुपये हो गई थी। मौनजारो के लॉन्च के बाद इस दवा की बिक्री करीब 7 गुना बढ़ गई है। बता दें कि मार्च और मई के बीच इस दवा को 81,570 बेचा गया है और वहीं अकेले जून में इनकी बिक्री 87,986 यूनिट तक पहुंच गई थी।
कितनी इफेक्टिव हैं ये दवाएं
मोटापे की इन दवाओं का इस्तेमाल शुरूआत में टाइप 2 डायबिटीज के लिए किया जाता है, लेकिन अब ये वेट लॉस के लिए फेमस हो रही हैं। मोटापा कम करने वाली ये दोनों ही दवाएं मौनजारो और वेगोवी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले और भूख को कम करने वाले दोनों हार्मोनों को टारगेट करती है, जिससे ग्लाइसेमिक कंट्रोल में सुधार होता है और वजन कम होता है।