
प्रद्युमन सिंह ने प्रधानमंत्री को अपने खून से एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने ग्वालियर में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को 'टीन से मुक्त' करने और मेरठ व ग्वालियर में सामाजिक महापंचायत के बाद दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को टीन से ढका गया है, जिससे समाज में आक्रोश है।
सरधना क्षेत्र के प्रद्युमन सिंह ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रतिमा को तत्काल मुक्त कराया जाए।इसके अतिरिक्त, 25 सितंबर 2023 को ग्वालियर और 21 सितंबर 2025 को मेरठ (उत्तर प्रदेश) में आयोजित सामाजिक महापंचायतों के संबंध में 22 निर्दोष समाजसेवियों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें रविंद्र भाटी, सोनू, प्रवेश, विशाल और मोहित नागर जैसे नाम शामिल हैं। पत्र में प्रधानमंत्री से इन सभी निर्दोष समाजसेवियों पर लगे मुकदमों को वापस लेने का आग्रह किया गया है। इन मुकदमों के कारण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।