भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पर्यावरण प्रेमियों और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी के लोगों ने एक पेड़ काटे जाने को ‘मानव हत्या’ जैसा अपराध मानते हुए थाने पहुंचकर हत्या की धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की। कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से इस पीपल के पेड़ की देखभाल की थी और जब यह बड़ा होकर छाया और ऑक्सीजन देने लगा, तो किसी ने उसे काट डाला। इसके विरोध में लोगों ने कटारा हिल्स थाने में जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
हत्या का केस दर्ज करने की अनोखी मांग
भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पर्यावरण प्रेमियों और आम लोगों को झकझोर कर रख दिया है। बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी के लोगों ने एक पेड़ काटे जाने को ‘मानव हत्या’ जैसा अपराध मानते हुए थाने पहुंचकर हत्या की धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की। कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से इस पीपल के पेड़ की देखभाल की थी और जब यह बड़ा होकर छाया और ऑक्सीजन देने लगा, तो किसी ने उसे काट डाला। इसके विरोध में लोगों ने कटारा हिल्स थाने में जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
चार साल की मेहनत पर कुल्हाड़ी
भोपाल की बागमुगालिया एक्सटेंशन कॉलोनी में चार साल पहले लगाए गए एक पीपल के पौधे को कॉलोनीवासियों ने मिलकर पाला-पोसा। पौधा अब एक हरे-भरे पेड़ में बदल चुका था, जो न सिर्फ पर्यावरण को संजीवनी दे रहा था बल्कि कॉलोनी की पहचान बन गया था। लेकिन हाल ही में अज्ञात व्यक्ति द्वारा इस पेड़ को काट दिया गया, जिससे कॉलोनी में आक्रोश फैल गया।
थाने में प्रदर्शन और ज्ञापन
पेड़ की कटाई के विरोध में कॉलोनी के सैकड़ों लोग एकजुट होकर कटारा हिल्स थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा, "एक जीवित प्राणी जो ऑक्सीजन देता है, उसकी निर्ममता से हत्या की गई है। इसे पेड़ की नहीं, इंसानियत की हत्या माना जाना चाहिए।"
दलील और कानूनी उदाहरण भी दिए
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को यूपी के हमीरपुर का उदाहरण भी दिया, जहां पेड़ को नुकसान पहुंचाने पर ट्रक चालक पर मामला दर्ज किया गया था। लोगों ने पुलिस कमिश्नर और डीजीपी को ज्ञापन सौंपने की बात भी कही है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट भी पेड़ की कटाई को गंभीर अपराध मानता है, ऐसे में दोषियों पर हत्या जैसी सख्त धारा लगाई जानी चाहिए।