देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और इसका सीधा असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों की गति कम कर दी है, जबकि अनेक ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। ऐसे में यात्रियों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
क्यों रद्द करनी पड़ी ट्रेनें
रेलवे अधिकारियों के अनुसार घने कोहरे के कारण सिग्नल देखने में दिक्कत होती है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से कैंसिल किया गया है। कुछ ट्रेनें फरवरी के अंत तक रद्द रहेंगी, जबकि कुछ पर मार्च तक भी असर पड़ सकता है। रेलवे का कहना है कि मौसम साफ होते ही हालात की समीक्षा की जाएगी।
इन रूट्स पर सबसे ज्यादा असर
इस फैसले से पटना, प्रयागराज, हावड़ा, अमृतसर, कामाख्या, कोलकाता, अजमेर और अंबाला जैसे बड़े रूट्स पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी होगी। खासतौर पर बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों की संख्या ज्यादा होने के कारण वहां के यात्रियों पर असर ज्यादा दिख रहा है। रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ सकते हैं।
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20 से ज्यादा ट्रेनें रद्द
जानकारी के मुताबिक 20 से अधिक ट्रेनें 28 फरवरी तक कैंसिल कर दी गई हैं। इनमें झांसी से कोलकाता, हावड़ा से देहरादून, मालदा टाउन से नई दिल्ली, बरौनी से अंबाला, पूर्णिया कोर्ट से अमृतसर, डिब्रूगढ़ से चंडीगढ़, गया से कामाख्या और आनंद विहार से संतरागाछी जैसे अहम रूट शामिल हैं। कुछ ट्रेनों को मार्च के पहले सप्ताह तक के लिए भी रद्द किया गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप इन दिनों ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। टिकट कन्फर्म होने के बावजूद ट्रेन रद्द हो सकती है। रेलवे की वेबसाइट, हेल्पलाइन या स्टेशन से ताजा जानकारी लेना बेहतर रहेगा। अचानक स्टेशन पहुंचकर निराश होने से बचने के लिए यह सावधानी जरूरी है।
कब सुधरेंगे हालात
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। ऐसे में रेलवे भी धीरे-धीरे फैसले ले रही है। जैसे ही दृश्यता में सुधार होगा, ट्रेनों का संचालन सामान्य करने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल यात्रियों को धैर्य रखना होगा और सुरक्षित सफर को प्राथमिकता देनी होगी।