Departments allotted to ministers : उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सोमवार को सुबह 10:30 बजे लोक भवन में पहली कैबिनेट बैठक होगी। बैठक से पहले नए कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को रविवार देर रात विभाग सौंप दिए गए। दो नए प्रमुख कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा आपूर्ति विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
प्रमोशन पाए मंत्रियों को मिले ये विभाग
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॅा सोमेन्द्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल का जिम्मा दिया गया है। कृष्णा पासवान को राज्य मंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास बनाया गया है। कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। सुरेंद्र दिलेर को राज्य मंत्री (राजस्व) बनाया गया है, जबकि राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग सौंपा गया है।
बिना पोर्टफोलियो के ही हुए शामिल
कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय रविवार को लोक भवन में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में बिना पोर्टफोलियो के ही शामिल हुए। उन्होंने यहां पर अनुदेशकों को संबोधित भी किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने रविवार शाम बैठक का एजेंडा जारी किया।
ओबीसी आयोग का गठन
कैबिनेट बैठक में करीब 11 प्रस्ताव रखे जाएंगे. इनमें दो प्रस्ताव बेहद अहम हैं। पहला त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए ओबीसी आयोग का गठन होना है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद आयोग बनेगा और उसकी रिपोर्ट पर ही पंचायत चुनाव होंगे। दूसरा वेटनरी छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता चार हजार रुपए से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी अस्पताल
प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा वेटनरी छात्र हैं। लोहिया संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड का मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी अस्पताल, टीचिंग ब्लॉक और ओपीडी ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। लखनऊ मेट्रो फेज-1 बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज के लिए एमओयू को मंजूरी मिल सकती है। मिर्जापुर में बिजली उपकेंद्र, प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल का विस्तार और आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के लिए जमीन हस्तांतरण पर भी निर्णय हो सकता है।