
ऑफिस में घंटों तक कंप्यूटर के सामने बैठे रहकर काम करना कोई आसान बात नहीं है. इस तरह की डेस्क जॉब अधिकतर लोग अपनी आईटी कंपनियों के अलावा अन्य सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में करते हैं. जिनमें से अधिकतर युवा होते हैं. शुरू-शुरू में थोड़ा दिक्कत होती है लेकिन फिर आदत पड़ जाती है क्योंकि हम अपने शरीर को उसके अनुसार ढाल लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यही आदत आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. आपके शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा हो सकती हैं.
सही बॉडी पॉश्चर की ओर ध्यान देना जरूरी
कंप्यूटर के सामने हर दिन बैठे रहने की वजह से आपको केवल थकान ही नहीं बल्कि धीरे-धीरे गर्दन और पीठ दर्द जैसी समस्याएं भी शुरू होने लगती है. AIIMS के डॉक्टरों की मानें तो अगर डेस्क जॉब करने वाले लोग इस दौरान अपनी सही बॉडी पॉश्चर की तरफ ध्यान दें, तो इन दिक्कतों से काफी हद तक बचा जा सकता है. इस बात की पूरी जिम्मेवारी केवल कर्मचारी की ही नहीं होती बल्कि दफ्तर को भी इस बात की तरफ ध्यान देना चाहिए. इसके लिए कंपनियों को कर्मचारियों के लिए ऐसे सेटअप तैयार करने चाहिए, जिनमें लगातार बैठे रहने की जगह कुछ समय के लिए आरामदायक काम करने का स्पेस भी मुहैया कराया जा सके.
रीढ़ को सीधी रखने का करें प्रयास
एम्स के आर्थोपेडिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. भावुक गर्ग का कहना है कि डेस्क जॉब करने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी रीढ़ को सीधी रखने का प्रयास करें. इसके लिए बैठते समय पीठ को कुर्सी की बैकरेस्ट से पूरी तरह टीकाकर बैठें. अक्सर देखा जाता है कि लोग झुक कर बैठ जाते हैं. इस आदत को बदलना शुरू करें. लगातार कई घंटों तक झुककर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ने लग जाता है, जिसकी वजह से स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है. हमेशा पीठ को सीधी रखने का आदत डालें, जो कि आपके शरीर के लिए काफी बेहतर होगी.
कंप्यूटर की स्क्रीन हमेशा आंखों के लेवल पर हो
एक्सपर्ट्स की मानें तो कंप्यूटर की स्क्रीन हमेशा आंखों के लेवल पर ही होनी चाहिए. अगर स्क्रीन बहुत नीचे या बहुत ऊपर हुई तो गर्दन बार-बार झुकाने या उठाने के कारण दर्द और जकड़न से प्रभावित होने की संभावना रहती है. इसके लिए चेयर की ऊंचाई भी उतनी ही रखें जिसमें पैर सीधे जमीन से टिके रहें और घुटने 90 डिग्री के एंगल पर हों. अगर बैठते समय पैर जमीन से टिके नहीं रहते हैं तो फुटरेस्ट की समस्या भी हो सकती है.
कीबोर्ड और माउस शरीर के पास रखें
इतना ही नहीं जो लोग माउस के साथ काम करते हैं, उनमें कलाई के दर्द की समस्या भी देखी जाती है. इसके लिए कीबोर्ड और माउस को हमेशा शरीर के पास में रखें. हाथों को इस तरह से रखें कि कोहनी लगभग 90 डिग्री पर मुड़ी रहे और कलाई बिल्कुल सीधी रहे. इस दौरान कलाई के ऊपर नीचे रहने या गलत तरीके से लगातार मुड़े रहने की वजह से कार्पल टनल सिंड्रोम की परेशानी हो सकती है.
6 से 7 घंटे बैठकर काम करना बेहद खतरनाक
इसके साथ ही साथ डॉक्टर इस बात की भी सलाह देते हैं कि लगातार 6 से 7 घंटे बैठकर काम करना शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. इस दौरान काम करते समय हर 30 से 40 मिनट में कुछ देर तक उठकर चलना -फिरना जरूर चाहिए. छोटी-छोटी स्ट्रेचिंग करें, हाथ-पैर हिलाना और हल्की वॉक भी आप कर सकते हैं. ऐसा करने से शरीर में खून का संचार ठीक तरह से बना रहता है.
20-20-20 का रूल करें फॉलो
आंखों को लगातार स्क्रीन पर टिका कर ना बैठे. इसके लिए 20-20-20 का रूल फॉलो करें. इसका सीधा मतलब है हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट की दूरी पर देखते रहें. इससे आंखों को आराम मिलता रहेगा. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में ड्राइनेस और सिरदर्द की समस्या हो सकती है.