Devdutt Padikkal Centuries : श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया को एक ऐसा बल्लेबाज मिला है, जिसने टेस्ट टीम के सबसे बड़े सवाल का जवाब देना शुरू कर दिया है। बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दो टेस्ट शतक लगाकर नंबर-3 की दावेदारी बेहद मजबूत कर ली है। लंबे समय से चेतेश्वर पुजारा के बाद इस स्थान पर स्थायी बल्लेबाज की तलाश चल रही थी, लेकिन अब पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींच लिया है।
नंबर-3 पर मजबूत हुई पकड़
कोलंबो टेस्ट में लगातार दूसरे शतक के बाद पडिक्कल ने यह संकेत दे दिया है कि वह सिर्फ मौके का फायदा उठाने नहीं आए हैं, बल्कि लंबे समय तक इस स्थान पर खेलने की तैयारी में हैं। श्रीलंका की परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि क्रिकेट जानकारों का मानना है कि उनकी असली परीक्षा ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसे देशों में होगी।
केएल राहुल की बढ़ी चुनौती
पडिक्कल के प्रदर्शन का सबसे बड़ा असर केएल राहुल पर पड़ता दिखाई दे रहा है। पहले टीम प्रबंधन जरूरत पड़ने पर राहुल को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर-नीचे करता रहा है। लेकिन अब नंबर-3 पर पडिक्कल की मजबूत दावेदारी के बाद यह रास्ता लगभग बंद होता दिख रहा है। ऐसे में राहुल को बतौर ओपनर ही अपने प्रदर्शन से जगह पक्की करनी होगी।
श्रेयस अय्यर की वापसी हुई मुश्किल
लगातार दो शतकों ने श्रेयस अय्यर की टेस्ट टीम में वापसी की राह भी कठिन कर दी है। अय्यर लंबे समय से टेस्ट टीम में लौटने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन शुभमन गिल के नंबर-4 पर स्थापित होने और पडिक्कल के नंबर-3 पर सफल रहने से मध्यक्रम में जगह बनाना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।
साई सुदर्शन पर सबसे बड़ा सवाल
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू साई सुदर्शन हैं। चोट के कारण उन्हें बाहर बैठना पड़ा और उनकी जगह मिले मौके को पडिक्कल ने दोनों हाथों से भुना लिया। अगर सुदर्शन फिट होते तो शायद पडिक्कल को अंतिम एकादश में मौका ही नहीं मिलता। अब चयनकर्ताओं के सामने बड़ा सवाल यह होगा कि सुदर्शन की वापसी पर किसे मौका दिया जाए।
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चयनकर्ताओं के सामने नई चुनौती
देवदत्त पडिक्कल के लगातार दो शतकों ने टीम इंडिया की बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ चयनकर्ताओं की मुश्किल भी बढ़ा दी है। नंबर-3 पर अब एक मजबूत विकल्प दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके साथ ही कई खिलाड़ियों की जगह पर दबाव बढ़ गया है। आने वाले विदेशी दौरों में पडिक्कल का प्रदर्शन तय करेगा कि वह इस स्थान पर स्थायी समाधान बनते हैं या नहीं, लेकिन फिलहाल उन्होंने टीम इंडिया में अपनी जगह के लिए मजबूत खूंटा गाड़ दिया है।