UP News: उत्तर प्रदेश के वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की कवायद को तेज कर दिया है। विभिन्न विभागों से प्राप्त सैकड़ों प्रस्तावों पर गहन मंथन चल रहा है, जिसमें विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। विभागीय अनुमानों के मुताबिक नए वित्तीय वर्ष का कुल बजट आकार 9.05 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। यह चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के मूल बजट (8.08 लाख करोड़ रुपये) से लगभग एक लाख करोड़ रुपये अधिक होगा।
विकास योजनाओं को अतिरिक्त गति
बढ़ा हुआ बजट राज्य की विकास योजनाओं को अतिरिक्त गति प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नई परियोजनाओं जैसे एक्सप्रेसवे, स्मार्ट सिटी, कृषि सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। वित्त विभाग की मध्यकालिक राजकोषीय पुनर्संरचना नीति 2025 के तहत यह अनुमान जारी किया गया है, जो उप्र राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम 2004 के अनुरूप है। नीति में आगे के वर्षों का भी पूर्वानुमान दिया गया है। 2027-28 में बजट 10 लाख करोड़ से अधिक और 2028-29 में 11 लाख करोड़ पार करने की संभावना है।
शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट की तैयारी
शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट का संकेत19 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इससे चालू वर्ष की कुछ योजनाओं को अतिरिक्त धनराशि मिल सकती है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभागीय प्रस्तावों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद अंतिम आंकड़े तय होंगे, लेकिन कुल मिलाकर आर्थिक वृद्धि के अनुरूप बजट में वृद्धि निश्चित है। प्रदेश की जीएसडीपी में लगातार हो रही प्रगति को देखते हुए यह कदम स्वाभाविक है।
विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बजट
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट वृद्धि उत्तर प्रदेश को देश का आर्थिक इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। पिछले वर्षों की तुलना में कर राजस्व और केंद्र से हिस्सेदारी में इजाफे से यह संभव हो पाया है। हालांकि, व्यय प्रबंधन और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण बनाए रखना चुनौती होगी। कुल मिलाकर, यह अपडेट राज्यवासियों के लिए सकारात्मक संकेत है, जो विकास की रफ्तार को और तेज करेगी।