
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऑटो चालक का अनोखा पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ऑटो के पीछे लगे इस पोस्टर पर तीन युवकों – अतुल सुभाष, नितिन पडियार और राजा रघुवंशी – की तस्वीरों के साथ लिखा है, “हे न्याय की देवी, स्त्री सम्मान के नाम पर और कितने बेटों की बली लेंगी?” ऑटो चालक का कहना है कि वह हाल के समय में पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या या प्रताड़ना के मामलों से आहत हैं और इस पोस्टर के जरिए महिलाओं को जागरूक करना चाहते हैं।
हाल
की घटनाओं से आहत होकर
उठाया कदम
ऑटो चालक संतोष ने बताया कि देश के कई हिस्सों में पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या या आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड और मेरठ का सौरभ हत्याकांड प्रमुख उदाहरण हैं। इसके अलावा नितिन पडियार और अतुल सुभाष जैसे युवा पत्नियों की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे चुके हैं।
पोस्टर के जरिए संदेश
संतोष का कहना है कि भारतीय संस्कृति में स्त्री को देवी का रूप माना जाता है, जो प्रेम और दया की प्रतीक होती हैं। लेकिन कुछ महिलाएं ऐसे कृत्यों से इस छवि को धूमिल कर रही हैं। उन्होंने अपने ऑटो पर यह पोस्टर लगाकर खासतौर पर महिलाओं को याद दिलाने का प्रयास किया है कि वे प्रेम और सम्मान की पहचान बनी रहें, न कि हिंसा और प्रताड़ना का कारण।
वायरल तस्वीर और बहस
यह पोस्टर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं—कुछ इसे एक साहसिक कदम बता रहे हैं, तो कुछ इसे संवेदनशील मुद्दों पर संतुलन बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।