साल की शुरुआत में ही फास्ट फूड इंडस्ट्री से जुड़ी दो बड़ी कंपनियों ने ऐसा ऐलान किया, जिसने शेयर बाजार से लेकर निवेशकों तक को चौंका दिया। KFC और PizzaHut की फ्रेंचाइजी चलाने वाली देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स इंडिया ने अपने ऑपरेशंस को मर्ज करने की घोषणा की है। दोनों कंपनियों का लक्ष्य भारत की सबसे बड़ी सिंगल क्विक सर्विस रेस्टोरेंट चेन बनना है। इस ऐलान के साथ ही साफ हो गया कि आने वाले समय में फास्ट फूड सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और ज्यादा तेज होने वाली है।
शेयर बाजार में दिखा तुरंत असर
मर्जर की खबर आते ही शेयर बाजार में दोनों कंपनियों के स्टॉक्स फोकस में आ गए। शुरुआती कारोबार में देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में मजबूती देखने को मिली और यह करीब साढ़े तीन प्रतिशत की तेजी के साथ ऊपर चढ़े। दूसरी ओर सफायर फूड्स इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार जानकारों के मुताबिक ऐसे बड़े मर्जर में शुरुआत में शेयरों में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है क्योंकि निवेशक भविष्य की रणनीति और वैल्यूएशन को समझने की कोशिश करते हैं।
ये भी पढ़ें : Gold Price Today: तीन दिन की गिरावट के बाद सोने में अचानक चमक, नए साल में निवेशकों को मिला संकेत, जानिए आज का ताजा भाव
कैसे होगा मर्जर का पूरा प्रोसेस
मर्जर से पहले सफायर फूड्स इंडिया की 18.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देवयानी की प्रमोटर कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल को बेची जाएगी। इसके बाद 1 अप्रैल से औपचारिक मर्जर प्रक्रिया शुरू होगी जो नियामकीय मंजूरी और शेयरहोल्डर्स की सहमति पर निर्भर करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में 15 से 18 महीने तक का समय लग सकता है। अगर सभी अनुमतियां समय पर मिल जाती हैं तो यह मर्जर भारत और विदेशी बाजारों में तीन हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को एक ही कंपनी के तहत लाने वाला होगा।
शेयरधारकों के लिए क्या बदलेगा
मर्जर प्लान के तहत सफायर फूड्स पूरी तरह देवयानी इंटरनेशनल में विलय हो जाएगी। इस प्रक्रिया में सफायर फूड्स के शेयरधारकों को हर 100 शेयर के बदले देवयानी के 177 शेयर दिए जाएंगे। दोनों कंपनियां अमेरिकी फूड दिग्गज यम ब्रांड्स की पार्टनर हैं और भारत में KFC और PizzaHut को ऑपरेट करती हैं। मर्जर के बाद इनका मुकाबला सीधे मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज जैसे बड़े खिलाड़ियों से और मजबूत स्तर पर होगा, जिससे फास्ट फूड इंडस्ट्री का संतुलन नए सिरे से तय होता दिखेगा।