देवास के टोंककला इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। धमाका इतना भयानक था कि आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। हादसे के समय फैक्ट्री में कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
15 लोगों की मौत की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में मरने वालों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि विस्फोट के बाद सड़क पर शरीर के टुकड़े और मांस के चिथड़े बिखरे पड़े थे। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक मौत के आंकड़े की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन ग्रामीणों के बीच 15 लोगों की मौत की चर्चा तेज है।
सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
हादसे के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां खुले में बारूद रखकर पटाखे बनाने का काम किया जा रहा था और लंबे समय से नियमों की अनदेखी हो रही थी। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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राजनीतिक संरक्षण के आरोप
ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि फैक्ट्री को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि फैक्ट्री का संबंध कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों से जुड़ा हुआ था, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सीएम मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश
मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने और घायलों का मुफ्त इलाज कराने का ऐलान किया है।