
धनतेरस, दीपावली महापर्व की शुरुआत का पहला दिन होता है, जिसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि के देवता भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन खरीदी गई चीजों को घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक रूप से लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं, लेकिन सिर्फ कीमती धातुएं ही नहीं, कुछ और चीजें भी हैं जिन्हें धनतेरस पर खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है।
धनतेरस 2025 की तारीख और महत्व
धनतेरस का पर्व दीपावली की शुरुआत का प्रतीक है, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। यह दिन भगवान धन्वंतरि के समुद्र मंथन से प्रकट होने की स्मृति में मनाया जाता है, जो आयुर्वेद के देवता माने जाते हैं। साथ ही यह दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए भी खास होता है। इस वर्ष धनतेरस 17 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन जो भी वस्तु खरीदी जाती है, वह कई गुना बढ़कर लौटती है।
सोना-चांदी की खरीदारी का महत्व
परंपरागत रूप से धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इसे संपन्नता और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। आभूषण, चांदी के सिक्के या पूजन के पात्र खरीदने से घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
स्टील या पीतल के बर्तन खरीदें
धनतेरस पर स्टील, कांसा या पीतल के बर्तन खरीदने की परंपरा है। विशेष रूप से खाली बर्तन न लाएं; उसमें कुछ न कुछ जैसे चावल, हल्दी या सिक्का डालना शुभ माना जाता है। यह रसोई की समृद्धि और अन्नपूर्णा का संकेत होता है।
झाड़ू खरीदना भी है शुभ
बहुत कम लोग जानते हैं कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदना भी सौभाग्यशाली माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को घर से बाहर निकालती है। इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना गया है।
धातु की मूर्तियां और दीपक
इस दिन भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की धातु की मूर्तियां खरीदना शुभ माना जाता है। मिट्टी के दीपक भी लक्ष्मी पूजन में विशेष स्थान रखते हैं। ये घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता लाते हैं।
गृह उपयोगी वस्तुएं और नए कपड़े
धनतेरस पर मिक्सर, गैस स्टोव, कुकर जैसे घरेलू सामान खरीदना भी लाभकारी होता है। साथ ही, नए कपड़े लाना नए आरंभ और शुभता का संकेत माना जाता है। यह न केवल त्योहार की तैयारी का हिस्सा है, बल्कि नए जीवनचक्र का स्वागत भी है।