BHOJSHALA CONTROVERSY DHAR--मध्य प्रदेश के धार में ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मामले को लेकर मंगलवार को धार बंद का आह्वान किया गया, जिसके बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष की ओर से सामने आए बयानों ने विवाद को और गरमा दिया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी-अपनी बात रखी है।
हिंदू पक्ष ने प्रशासन पर उठाए सवाल
अखिल भारतीय साधु-संत संन्यासी परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद जी महाराज ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट की ओर से व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक ही रास्ते से आवाजाही कराने से व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भोजशाला परिसर में नमाज की कोशिश की जा रही है, जबकि इसके लिए अलग जगह उपलब्ध है। अनिलानंद जी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है और आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में साधु-संत धार पहुंच सकते हैं।
मुस्लिम पक्ष ने आरोपों को बताया गलत
वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने हिंदू पक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि करीब 700 साल पुरानी मस्जिद को लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बीच निर्धारित हिस्से में ही नमाज अदा की जा रही है। शमशुल हसन ने कहा कि मुस्लिम समाज किसी तरह का विवाद खड़ा नहीं कर रहा, बल्कि अफवाहों के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
बंद के बीच शहर में कड़ी सुरक्षा
भोजशाला विवाद को लेकर बंद के आह्वान के बाद प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की तैनाती की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। दोनों पक्षों के बयानों के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है। फिलहाल धार में सुरक्षा इंतजाम सख्त हैं और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन सतर्क है।
दोनों पक्षों की बयानबाजी से बढ़ी हलचल
भोजशाला मामले को लेकर एक तरफ हिंदू पक्ष प्रशासन पर आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष इसे अफवाह और माहौल बिगाड़ने की कोशिश बता रहा है। दोनों पक्षों के बीच जारी बयानबाजी के कारण मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और दोनों पक्षों के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।