BHOJSHALA TENSION---मध्य प्रदेश के धार की ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को जुमे की नमाज और हनुमान चालीसा पाठ को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। हिंदू संगठनों के आह्वान पर भोजशाला में विशेष हनुमान चालीसा पाठ शुरू हुआ, वहीं मुस्लिम समाज के लोग दोपहर करीब 1 बजे भोजशाला से सटे खसरा नंबर 612 स्थित परिसर में नमाज के लिए पहुंचे। दोनों आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
हनुमान चालीसा के साथ शंखनाद और जयघोष
शुक्रवार को भोजशाला में हिंदू समाज की ओर से विशेष हनुमान चालीसा पाठ किया जा रहा है। इस दौरान शंख बजाकर जयघोष भी किया जा रहा है। बताया गया कि आम तौर पर शुक्रवार को यहां विशेष हनुमान चालीसा पाठ नहीं होता, लेकिन पिछले शुक्रवार को आवागमन को लेकर बनी स्थिति के बाद हिंदू संगठनों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। इसके बाद इस शुक्रवार विशेष पाठ का आह्वान किया गया।
नमाज के लिए खसरा नंबर 612 पहुंचे लोग
दूसरी ओर मुस्लिम समाज के लोग दोपहर करीब 1 बजे नमाज के लिए भोजशाला के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 वाले परिसर की ओर पहुंचने लगे। प्रशासन ने दोनों समुदायों के लोगों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि नमाज और हनुमान चालीसा पाठ के दौरान आवागमन को लेकर किसी तरह की टकराव की स्थिति न बने।
पिछले शुक्रवार की घटना के बाद बढ़ी सतर्कता
पिछले शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों के दरगाह की ओर आने-जाने के दौरान भोजशाला के बाहर रास्ते को लेकर स्थिति बनी थी। हिंदू पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि आवागमन के कारण करीब 45 मिनट तक आने-जाने में परेशानी हुई। कुछ लोगों ने रास्ते में रोके जाने और बंधक बनाए जाने जैसे आरोप भी लगाए थे। इसके बाद प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और रूट व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है।
कलेक्टर और SP ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा पहले ही मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और दोनों समुदायों के लिए निर्धारित रास्तों का निरीक्षण कर चुके हैं। भोजशाला के प्रवेश द्वार, बाहरी क्षेत्र और नमाज स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर में भी पुलिस की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की कोशिश, शांतिपूर्ण तरीके से हों दोनों आयोजन
प्रशासन का पूरा फोकस दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत आवागमन की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।