धार में शुक्रवार को भोजशाला परिसर के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर जुमे की नमाज अदा की गई। नमाज को लेकर प्रशासन ने पहले से तैयारियां पूरी कर ली थीं। बारिश के कारण जमीन गीली होने पर तिरपाल बिछाई गई और पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे इलाके की निगरानी करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।
स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी
भोजशाला के पीछे तय की गई जमीन पर नमाज को लेकर स्थानीय रहवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि जिस जमीन पर नमाज की अनुमति दी गई है, वह उनकी है और वे लंबे समय से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखते हुए कहा था कि वे यहां नमाज की अनुमति नहीं देंगे और जरूरत पड़ने पर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का सहारा भी लेंगे। आपत्ति की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम राजकुमार हलदर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी बातों को सुना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
कमाल मौला मस्जिद दिखाई देने के कारण चुना गया स्थान
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि खसरा नंबर 611 और 612 की जमीन से कमाल मौला मस्जिद सीधे दिखाई देती है। इसी वजह से इस स्थान को नमाज के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि बारिश के चलते नमाज स्थल पर कीचड़ की स्थिति बन गई थी और जमीन पर खेती भी की जा रही है। ऐसे में प्रशासन से नमाज स्थल तक पहुंचने के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार करने का अनुरोध किया गया था, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
वजू, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर की गई मांग
अब्दुल समद ने बताया कि नमाज के दौरान वजू के लिए पानी, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन से आवश्यक इंतजाम करने की मांग की गई थी। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई। नमाज के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
प्रशासन ने बनाए रखी पूरे क्षेत्र में निगरानी
भोजशाला परिसर के पीछे स्थित नमाज स्थल पर प्रशासनिक टीम लगातार मौजूद रही। क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया और अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। स्थानीय लोगों की आपत्ति और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने सभी पक्षों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की कोशिश की। फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य रही और प्रशासन की निगरानी जारी है।