Dhar Bhojshala Case ---धार की भोजशाला से जुड़े विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर सिविल अपील पर सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को हाईकोर्ट से भोजशाला मामले का पूरा रिकॉर्ड तत्काल मंगाने का निर्देश दिया है। इसमें एएसआइ की रिपोर्ट के साथ रंगीन नक्शे और रेखाचित्र भी शामिल हैं। ऐसे में 29 अक्टूबर की तारीख मामले की आगे की सुनवाई के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
हाईकोर्ट से मंगाया गया पूरा रिकॉर्ड
भोजशाला विवाद से जुड़ी सिविल अपील संख्या 9326/2026 में 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रक्रियात्मक आदेश जारी किया गया। आदेश में दोनों पक्षों को निर्धारित समय के भीतर जवाब और प्रतिउत्तर दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को हाईकोर्ट से भोजशाला मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड तत्काल तलब करने को कहा गया है। रिकॉर्ड में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआइ की रिपोर्ट के अलावा रंगीन मानचित्र और रेखाचित्र भी शामिल किए जाने हैं।
जवाब के लिए छह सप्ताह, प्रतिउत्तर के लिए दो सप्ताह
कोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए जवाब दाखिल करने की समयसीमा भी तय कर दी है। आदेश के मुताबिक विपक्षी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद यदि अपीलकर्ता को जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करना है तो उसके लिए दो सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है। समयसीमा तय होने के बाद अब दोनों पक्षों की ओर से अगली सुनवाई की तैयारी की जाएगी और मामले से जुड़े दस्तावेज कोर्ट के सामने रखे जाएंगे।
29 अक्टूबर से पहले पूरी होगी रिकॉर्ड की प्रक्रिया
याचिकाकर्ता आशीष गोयल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री को हाईकोर्ट में उपलब्ध भोजशाला से संबंधित रिकॉर्ड मंगाने का निर्देश दिया है। इसमें सुनवाई के दौरान तैयार और प्रस्तुत दस्तावेजों के साथ एएसआइ रिपोर्ट, रंगीन नक्शे और रेखाचित्र भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह है कि आगे की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने मामले का मूल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। 29 अक्टूबर की सुनवाई से पहले पक्षकारों के जवाब और रिकॉर्ड की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया है।
सुनवाई में आगे की दिशा हो सकती है साफ
29 अक्टूबर की सुनवाई अब इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि तब तक हाईकोर्ट का रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के जवाब सुप्रीम कोर्ट के सामने आ सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर कोर्ट मामले की आगे की कार्यवाही को लेकर दिशा तय कर सकता है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि 29 अक्टूबर को ही मामले में अंतिम फैसला आएगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड मंगाने और पक्षकारों की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश देकर सुनवाई की तैयारी आगे बढ़ा दी है।