
उत्तराखंड के धराली गांव में आई आपदा को सभी ने टीवी और सोशल मीडिया पर देखा था. लेकिन अब घटना के 9 दिन बाद पता चला है कि यह तबाही सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि तीन से चार बार आई थी. अगर मलबे का सैलाब सिर्फ एक बार आता, तो शायद इतनी भारी तबाही नहीं होती. यह पूरी घटना वहां रहने वाली ब्लॉगर गीता सेमवाल ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड की, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.
मेला, खुशियां और अचानक आई आफत
घटना के दिन धराली और पास के मुखबा गांव में भगवान शिव के मेले की तैयारियां चल रही थीं. हर साल की तरह इस बार भी दूर-दूर से लोग अपने गांव लौटे थे. गांव में पूजा, गीत-संगीत और डीजे की आवाज गूंज रही थी. सुबह का मौसम सुहावना था और कोहरे ने घाटी को और भी सुंदर बना दिया था. लेकिन कुछ ही देर में खुशियों के बीच आफत ने दस्तक दे दी.
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गीता सेमवाल, जो "हर्षिल ब्लॉग" नाम से सोशल मीडिया ब्लॉग चलाती हैं, उन्होंने अपने कमरे से मलबे के हर दौर को रिकॉर्ड किया. पहली बार पानी और मलबे का सैलाब आया, जिसने रास्ते में आने वाली कई चीजें बहा दीं. लोग मंदिर और घरों से यह नजारा देख रहे थे, लेकिन जैसे ही पानी तेज हुआ, वो पहाड़ की ओर भागने लगे. कुछ देर बाद दूसरी लहर आई, जिसमें पहले बचे हुए मकान, दुकान और होटल भी बह गए. फिर तीसरा और चौथा सैलाब आया, जिसने बचे-खुचे ढांचे को भी मलबे में डुबो दिया.
लोगों की भागदौड़ और सेना का बचाव
वीडियो में दिखता है कि कैसे लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ते हुए पहाड़ों पर चढ़ रहे थे. तभी इंडियन आर्मी मौके पर पहुंची और तुरंत राहत-बचाव का काम शुरू किया. एंबुलेंस, रेस्क्यू टीम और जवान लगातार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे थे.
गीता सेमवाल ने कहा,"वो आवाजें और मंजर आज भी मेरे कानों और आंखों में गूंजते हैं. मैंने देखा कि कैसे लोग मलबे में दबते गए और सब कुछ कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया. पता नहीं इस गांव में फिर से खुशियां कब लौटेंगी, लेकिन अभी यह पूरी तरह तबाह हो चुका है."