बॉलीवुड के हेमैन कहे जाने वाले धर्मेंद्र और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी की प्रेम-कहानी जितनी रोमांचक है, उतनी ही विवादित भी। शादीशुदा धर्मेंद्र ने हेमा से शादी करने के लिए एक ऐसा कदम उठाया था जिसे लेकर लंबे समय से चर्चाएँ चलीं। बताया जाता है कि धर्मेंद्र ने शादी के लिए धर्म बदला था, नाम बदला था और हेमा ने भी अपना नाम बदला था। आइए जानें इस फैसले की मजबूरी और जुड़ी सच्चाई।
पहले विवाह और नया प्यार
धर्मेंद्र ने 1954 में प्रकाश कौर से शादी की थी, उनसे उन्हें चार बच्चे हुए। इसके बाद उन्होंने सेट पर हेमा मालिनी से मुलाकात की और दोनों के बीच दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
शादीशुदा जीवन में आने वाला नया संबंध
जब हेमा और धर्मेंद्र की नजदीकियां बढ़ीं, तो समस्या यह थी कि धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे। हिन्दू विवाह अधिनियम के हिसाब से दूसरी शादी करना संभव नहीं था। ऐसे में उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।
धर्म-परिवर्तन की अफवाह और नाम परिवर्तन
माना जाता है कि धर्मेंद्र ने शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाया था और अपना नाम बदलकर ‘दिलावर खान’ रख लिया। साथ ही हेमा ने अपना नाम ‘आयशा बी’ रख लिया था। हालांकि बाद में धर्मेंद्र ने इस मामले में कहा कि यह सिर्फ अफवाह है और उन्होंने धर्म नहीं बदला।
शादी और पारिवारिक निर्णय
कहानी के अनुसार 21 अगस्त 1979 को निकाह हुआ था, जिसे मुस्लिम रीति-रिवाज़ के अनुसार बताया गया है। इसके बाद 1980 में हिन्दू रीति-रिवाज़ से भी शादी हुई। दोनों ने मिलकर दो बेटियों का परिवार बनाया।
मजबूरी या प्यार-का फैसला?
धर्मेंद्र और हेमा की कहानी यह दिखाती है कि प्यार ने सामाजिक और कानूनी बंधनों को चुनौती दी। धर्म, नाम, रीति-रिवाज़ — सब कुछ पीछे रहते हुए उन्होंने अपनी राह चुनी। यदि यह सच है कि धर्म-परिवर्तन हुआ, तो यह शादी को वैध बनाने की मजबूरी थी। और यदि नहीं, तो यह एक प्रेम-कहानी का हिस्सा था जो अफवाहों के बीच रह गई।