शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर उनकी अगली भूमिका को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी सौंप सकती है।
'मैं स्ट्रीट फाइटर हूं'
संसद परिसर में कांग्रेस नेता जयराम रमेश से मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह "स्ट्रीट फाइटर" हैं, "एसी रूम के एक्टिविस्ट" नहीं। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह आगे भी सक्रिय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं।
संसद में मिला समर्थन
इस्तीफे के बाद जब धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद पहुंचे तो एनडीए के कई सांसदों ने उनका स्वागत किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके काम और शिक्षा क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना की। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनका इस्तीफा जवाबदेही और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
चुनावी रणनीतिकार के तौर पर मजबूत पहचान
धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों में गिने जाते हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने का अनुभव उनके पास है। इसी वजह से माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में भी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है।
ओडिशा की राजनीति में भी मजबूत पकड़
धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा भाजपा का प्रभावशाली नेता माना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के बावजूद राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव कम होने की संभावना नहीं है। ओडिशा में पार्टी के विस्तार और संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती रही है।
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पार्टी के फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल भाजपा ने धर्मेंद्र प्रधान की नई जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि उन्हें संगठन में बड़ा पद या आने वाले राज्यों के चुनावों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। अब सबकी नजर पार्टी के अगले फैसले पर बनी हुई है।