मथुरा में चल रही धार्मिक पदयात्रा के दौरान आध्यात्मिकता और परंपराओं का अनोखा मिश्रण देखने को मिला, जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की सनातन यात्रा में सहभागिता की। यात्रा के अंतिम दिन वे भक्तों के साथ कदम-से-कदम मिलाते दिखे और परंपरा निभाते हुए जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे आयोजन में भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक आस्था का अद्भुत समागम नजर आया।
पदयात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री
मथुरा की पावन धरा पर धीरेंद्र शास्त्री की दस दिवसीय सनातन यात्रा अपने समापन की ओर बढ़ रही है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यात्रा में शामिल हुए। साधु-संतों और हजारों भक्तों की मौजूदगी में यात्रा आगे बढ़ी, जहां सीएम की उपस्थिति से श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। उन्होंने पूरी सादगी से यात्रा में हिस्सा लिया और कई स्थानों पर रुककर भक्तों का अभिवादन भी स्वीकार किया।
धार्मिक अनुशासन और आस्था का संगम
यात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ था। मंत्रोच्चार, भजन और जयघोष के बीच यात्रा जैत गांव से आगे बढ़ते हुए वृंदावन की ओर अग्रसर हुई। पूरी यात्रा के दौरान धार्मिक अनुशासन, शांतिपूर्वक आगे बढ़ते समूह और भक्ति की भावना ने इसे और भी खास बना दिया। मुख्यमंत्री ने भी इस अनुशासन की सराहना की और इसे सनातन संस्कृति की पहचान बताया।
सीएम ने जमीन पर बैठकर किया प्रसाद ग्रहण
यात्रा के विशेष क्षणों में एक दृश्य बेहद चर्चा में रहा—जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आम श्रद्धालुओं की तरह जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल भोजन नहीं बल्कि विनम्रता और आस्था का प्रतीक है। उनके इस सरल व्यवहार से भक्तों में विशेष अपनापन महसूस हुआ और कई लोगों ने इसे सांस्कृतिक आदर्श का उदाहरण बताया।
वृंदावन में होगा यात्रा का समापन
धीरेंद्र शास्त्री की यह दस दिवसीय सनातन यात्रा आज वृंदावन में विधिवत समापन के साथ पूर्ण होगी। जैत गांव से निकली यह पदयात्रा लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पावन भूमि वृंदावन पहुंचेगी। अंतिम चरण में भी भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और हजारों लोग शास्त्री के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। समापन कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन प्रस्तावित है।