विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने विंबलडन से पहले क्रिकेट और टेनिस के दिग्गजों की दिलचस्प तुलना की है। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी को टेनिस के महान रोजर फेडरर जैसा कहा जा सकता है तो वह महेंद्र सिंह धोनी हैं। उनके मुताबिक धोनी का शांत स्वभाव और मुश्किल समय में असरदार प्रदर्शन उन्हें अलग बनाता है।
धोनी की शांति ने बनाई पहचान
सैमसन ने कहा कि धोनी मैदान पर बहुत कम भाव दिखाते हैं लेकिन उनका असर बहुत बड़ा होता है। जैसे फेडरर अपने खेल को बेहद आसान दिखाते थे वैसे ही धोनी भी बड़े फैसले और बड़े मैचों में बिना घबराहट के खेल को संभाल लेते थे। कप्तानी हो विकेटकीपिंग हो या आखिरी ओवर में मैच खत्म करना धोनी का अंदाज हमेशा शांत लेकिन खतरनाक रहा।
कोहली में दिखा अल्कारेज का तेवर
संजू सैमसन ने विराट कोहली की तुलना स्पेन के युवा टेनिस स्टार कार्लोस अल्कारेज से की। उनका कहना है कि अल्कारेज की तरह कोहली भी शुरुआत से ही आक्रामक रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों में ऊर्जा है जुनून है और मुकाबले को अपने तरीके से बदल देने का दम है।
मैदान पर दिखती है आक्रामक सोच
कोहली का क्रिकेट करियर हमेशा आक्रामकता और जीत की भूख के लिए जाना जाता है। वह हर रन के लिए लड़ते हैं और विपक्षी टीम पर दबाव बनाना जानते हैं। अल्कारेज भी टेनिस कोर्ट पर तेज रफ्तार और ताकतवर शॉट्स के लिए मशहूर हैं। सैमसन का मानना है कि दोनों की यही आक्रामक सोच उन्हें अपने खेल का बड़ा चेहरा बनाती है।
महिला टीम से मिली बड़ी प्रेरणा
सैमसन ने भारतीय महिला टीम की विश्व कप जीत को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि महिला टीम की सफलता देखकर पूरे देश को गर्व हुआ और पुरुष टीम को भी भरोसा मिला कि भारत में बड़े टूर्नामेंट जीते जा सकते हैं। उनके मुताबिक दोनों टीमों की जीत ने भारतीय क्रिकेट का स्तर और आत्मविश्वास बढ़ाया।
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ऑस्ट्रेलिया को लेकर बदली तस्वीर
सैमसन ने कहा कि पहले ऑस्ट्रेलिया को क्रिकेट की सबसे मजबूत टीम माना जाता था लेकिन अब भारत भी चैंपियन वाली सोच के साथ खेलता है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का सम्मान किया लेकिन साफ कहा कि भारतीय टीम अब किसी भी बड़े मुकाबले में दबाव में नहीं आती। धोनी की शांति और कोहली की आक्रामकता जैसी अलग-अलग खूबियां ही भारतीय क्रिकेट को मजबूत बनाती हैं।