
15 अगस्त 2020... यह तारीख भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी. जिस दिन पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, उसी दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावनात्मक और चौंकाने वाली खबर आई. टीम इंडिया के दो दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना ने कुछ ही मिनटों के अंतराल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया.
धोनी का अनोखा अंदाज
एमएस धोनी का करियर हमेशा उनकी शांत, समझदार और अप्रत्याशित फैसलों के लिए जाना गया है और उनका रिटायरमेंट भी कुछ ऐसा ही था. बिना किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बिना कोई संकेत दिए, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में उनके करियर की झलकियां थीं, बैकग्राउंड में एक पुराना बॉलीवुड गाना बज रहा था और कैप्शन में बस इतना लिखा था, "आपके प्यार और समर्थन के लिए बहुत धन्यवाद. 1929 घंटे से मुझे रिटायर्ड मानें."
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धोनी ने 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले और भारत को 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी दिलाई. वो अब तक के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने तीनों ICC ट्रॉफियां जीतीं. IPL में भी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 खिताब दिलाए.
रैना का धोनी के साथ कदम मिलाना
धोनी के फैसले के कुछ ही मिनट बाद, उनके सबसे करीबी दोस्तों में से एक और टीम इंडिया के भरोसेमंद ऑलराउंडर सुरेश रैना ने भी संन्यास का ऐलान कर दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "एमएस धोनी के साथ खेलना अद्भुत था. गर्व से भरे दिल के साथ मैं इस यात्रा में आपके साथ जुड़ने का फैसला करता हूं. धन्यवाद भारत. जय हिंद."
रैना ने भारत के लिए 226 वनडे, 78 टी20 और 18 टेस्ट मैच खेले. वह अपनी तेजतर्रार बैटिंग, बेहतरीन फील्डिंग और दबाव में मैच जिताने की क्षमता के लिए जाने जाते थे. IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उन्होंने 4 खिताब जीते. साल 2022 में उन्होंने सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट ले लिया.
एक दिन, दो विदाई, अनगिनत यादें
15 अगस्त 2020 सिर्फ स्वतंत्रता दिवस नहीं था, यह वह दिन था जब भारतीय क्रिकेट ने एक साथ दो दिग्गजों को अलविदा कहा. COVID-19 महामारी के बीच जब लोग घरों में बंद थे यह खबर फैंस के लिए भावनाओं का तूफान लेकर आई।ल.
धोनी और रैना ने मिलकर भारतीय क्रिकेट को ऐसे पल दिए जो हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखे जाएंगे. आज भी जब इस तारीख का जिक्र होता है, तो फैंस को न केवल देश की आजादी बल्कि अपने दो पसंदीदा सितारों की विदाई भी याद आती है. एक ऐसा दिन, जो भारतीय क्रिकेट के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा.