Dhumavati Jayanti 2025: ज्येष्ठ माह का आज चौथा बड़ा मंगलवार है.. इस दिन हनुमान जी के साथ-साथ धूमवती की पूजा का भी योग है..सनातन धर्म में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी धूमावती की उत्पत्ति का दिन माना जाता है..इसलिए हर साल इस तिथि को धूमवती जयंती के रूप में मनाई जाती है. बताया जाता है कि 10 महाविद्याओं में धूमावती सातवीं देवी हैं.. जिसकी पूजा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व होता है. आइये जानते हैं और क्या है धूमवती देवी के बारे में मान्यता?
धूमावती जयंती 2025 तिथि और योग
पंचांग के मुताबिक इस वर्ष ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मंगलवार 3 जून को पड़ रही है और इसी दिन धूमावती जयंती मनाई जाएगी. दरअसल अष्टमी तिथि का आरंभ 2 जून रात 08:34 पर होगा और समापन 3 जून की रात 09:56 पर होगा. उदयातिथि के मुताबिक 3 जून को ही धूमावती जयंती मनाई जाएगी. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि, इस दिन रवि योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा. देवी धूमावती की पूजा के लिए 3 जून 2025 को दोपहर 11:58 से दोपहर 12:51 तक का समय शुभ रहेगा. क्योंकि इस समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा.
कौन है देवी धूमावती
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार शिव-पार्वती कैलाश पर भ्रमण कर रहे थे, तभी अचानक देवी पार्वती को भूख लगी. शिवजी ने पार्वती को कुछ समय प्रतीक्षा के लिए कहा. लेकिन देवी पार्वती की भूख बढ़ने लगी और इतनी बढ़ गई कि उन्होंने शिव को ही निगल लिया. शिव जी के भीतर विष का प्रभाव है,जिसका असर देवी पार्वती पर भी होने लगा, जिससे पार्वती का शरीर धूएं के समान काला हो गया. कहा जाता है कि देवी पार्वती के इसी विकृत स्वरूप से देवी धूमावती की उत्पत्ति हुई.