CJP amidst Parliament March: दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन शिक्षा व्यवस्था, नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। इसी बीच केंद्र सरकार और सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता की शुरुआत हुई, जिससे समाधान की संभावनाएं भी सामने आईं।
सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनका ज्ञापन प्राप्त किया। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पहली बार औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया और सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। सीजेपी प्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
संसद परिसर में अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की बैठक
इसी दौरान संसद भवन परिसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन यह बैठक ऐसे समय हुई जब संसद के बाहर शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा था। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को मौजूदा घटनाक्रम के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनाव
सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान कई जगह बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया। सुरक्षा एजेंसियों ने दोपहर तक संसद भवन के आसपास का क्षेत्र खाली करा लिया। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे थे।
सोनम वांगचुक और सीजेपी की प्रमुख मांगें
अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदारी स्वीकार करे, संसद में मांगों पर चर्चा का आश्वासन दे या कोई सांसद अस्पताल पहुंचकर भरोसा दिलाए, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। वहीं सीजेपी ने सरकार से नीट 2026 पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने, कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग रोकने तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।