Heart Attack vs Cardiac Arrest: भारत में पिछले कुछ सालों में अचानक दिल से जुड़ी बीमारी के मामले बढ़ने लगे हैं। आजकल स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक दिल से जुड़ी गंभीर घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। जिसका सबसे मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक है, ये दोनों ही अलग-अलग बीमारी है, इसके लक्षण और इलाज भी अलग-अलग है। लेकिन अधिकतर लोग इन दोनों बीमारी को एक जैसा ही मान लेते हैं। तो आइए इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर है और इसके लक्षण क्या-क्या है।
हार्ट अटैक क्या है?
हार्ट अटैक तब होता है, जब हृदय की मांसपेशियों को रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है, जिससे हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो सकती हैं या मर भी सकती हैं। इसके पीछे ब्लड क्लॉट या प्लाक में ब्लॉकेज जैसे कई कारण होते हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण
सीने में दर्द
सांस फूलना
पसीना
थकान
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कार्डियक अरेस्ट क्या है?
कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल काम करना बंद कर देता है। कार्डियक अरेस्ट में अचानक से दिल की धड़कनें रुक जाती हैं। इस स्थिति में रोगी सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाता है। कार्डियक अरेस्ट के लक्षण तत्काल और गंभीर होते हैं जिनपर समय रहते ध्यान देना बहुत आवश्यक है। हार्ट अटैक की तुलना में इसमें रोगी की जान जाने का खतरा भी अधिक हो सकता है। कार्डियाक अरेस्ट एकदम से आता है जिससे व्यक्ति चक्कर खाकर गिर जाता है, बेहोश हो जाता है, पल्स बंद हो जाती है और सांस रुक जाती है।
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण
सांस लेने में कठिनाई
चक्कर आना
थकान
उल्टी करना
सांस तेज हो जाना और हार्टबीट का तेजी से बढ़ना
बेहोशी महसूस होना
कैसे रखें दिल का ख्याल
रोज 10,000 कदम की वॉक करें
नियमित रूप से रोजाना व्यायाम करें
कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखें
ताजे फल और सब्जियां खाएं
धूम्रपान बिल्कुल भी न करें
अधिक तेल वाला भोजन करने से बचे और हेल्दी फूड्स खाएं