सऊदी अरब के मदीना में हुए बस हादसे में भारतीय यात्रियों की मौत पर नई दिल्ली में ईरानी दूतावास ने सोमवार को दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ईरानी दूतावास ने लिखा कि नई दिल्ली में इस्लामी गणराज्य ईरान का दूतावास मदीना में भारतीय यात्रियों की मौत पर गहरा दुख प्रकट करता है। भारत सरकार एवं जनता के प्रति गहरी संवेदना है और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है।
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शोएब नाम का एक यात्री बच गया है
आपको बता दं कि हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने मीडिया को जानकारी दी कि हादसे में मोहम्मद अब्दुल शोएब नाम का एक शख्स बच निकला है। उसका अस्पताल में इलाज जाारी है। बताया जा रही है कि हैदराबाद से 54 यात्रियों का एक समूह 9 नवंबर को जेद्दा के लिए निकला था। उसे 23 नवंबर को लौटना था।
तेल टैंकर से टकराने के बाद आग लगी
मक्का में उमराह करने के बाद यात्री रविवार रात को वे मदीना के ओर निकले थे। बस मदीना से लगभग 25 किलोमीटर ही दूर थी, तभी एक तेल टैंकर से उसकी भिड़त हो गई। इसके बाद उसमें आग लग गई।
18 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने जानकारी दी है कि चार यात्री मक्का में ही रुके थे। वहीं चार अन्य कार से मदीना की और रवाना निकले थे। हादसे के समय बस में 46 यात्री सवार थे। मरने वालों में 17 पुरुष, 18 महिलाएं और 10 बच्चे हैं। अधिकतर यात्री हैदराबाद के आसिफ नगर, झिरा, मेहदीपट्टनम और टोली चौकी क्षेत्र के बताए गए थे। इस बीच अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने जानकारी दी कि दुर्घटना में 47-48 की मौत हो गई।
सऊदी अरब भेजने की व्यवस्था करेगी
उन्होंने बताया कि पीड़ितों के परिवारों को जानकारी दे दी गई हौ। हज हाउस में एक कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के अनुसार, सरकार मृतकों के हर परिवार से कम से कम एक शखस को सऊदी अरब भेजने की कोशिश करे करेगी। यात्रा करने के इच्छुक लोगों के पास अगर पासपोर्ट नहीं हैं, तो सरकार उनके लिए खास व्यवस्था करेगी।
शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं
उन्होंने जानकारी दी कि शव बुरी तरह जल चुके हैं। इनकी पहचान नहीं हो पा रही है। पीड़ितों की पहचान को लेकर डीएनए टेस्ट भी कराने की तैयारी हो रही है।