मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने देश की विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण हालातों को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका और रणनीति पर स्पष्ट जवाब मांगा है।
विदेश नीति पर सीधा हमला
दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत की मौजूदा विदेश नीति को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि जिस तरह वैश्विक स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष की स्थिति बन रही है, उसमें भारत की स्पष्ट रणनीति क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि सरकार किस पक्ष में खड़ी है या तटस्थ है।
‘हां या ना’ में जवाब की मांग
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से कई सवालों के जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में देने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात बेहद संवेदनशील हैं, ऐसे में अस्पष्टता देश के हित में नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि जनता को स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
युद्ध के बीच भारत की भूमिका पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब दुनिया के बड़े देश युद्ध जैसे हालातों में उलझे हैं, तब भारत की भूमिका और जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने पूछा कि क्या भारत शांति स्थापित करने के लिए कोई सक्रिय पहल कर रहा है या सिर्फ स्थिति का अवलोकन कर रहा है।
हाईवे निर्माण में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी गरमाया
विदेश नीति के साथ-साथ दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में हाईवे निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों के निर्माण में कचरे का उपयोग बेस फीलिंग में किया जा रहा है, जिससे भविष्य में सड़क धंसने और पुल गिरने जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने इस पर तत्काल जांच की मांग की।
सियासी घमासान के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर सवालों की बौछार कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष से जवाब आने का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, जिससे सियासी माहौल और गरमा सकता है।