
दक्षिण भारत से उठा मोंथा चक्रवात अब उत्तर भारत के दरवाजे पर दस्तक दे चुका है. मंगलवार रात ये तूफान आंध्र प्रदेश के तट से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराया, जिससे कई तटीय जिलों में भारी तबाही मच गई. समुद्र में ऊंची लहरें, बिजली के खंभे गिरने और पेड़ों के उखड़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग ने चेताया है कि अब ये चक्रवात उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है और अगले 48 घंटे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य भारत के लिए बेहद भारी साबित हो सकते हैं.
ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ में असर
IMD के मुताबिक, मोंथा का असर अब ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और विदर्भ तक पहुंच चुका है. कई जगहों पर बिजली ठप है, सड़कें जलमग्न हैं और हवाएं 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं. इसी बीच यूपी और बिहार के कई जिलों में बादल छा गए हैं और ठंडी हवाओं ने सर्दी की शुरुआत का एहसास करा दिया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिन यूपी के 31 जिलों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि वाराणसी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और चंदौली में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. वहीं, लखनऊ, कानपुर, जौनपुर और इलाहाबाद में भी मंगलवार से मौसम का मिजाज बदल चुका है.
योगी सरकार भी अलर्ट मोड पर
योगी सरकार ने भी अलर्ट मोड अपना लिया है.खबर है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. संवेदनशील जिलों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की जा रही हैं और बिजली विभाग को 24 घंटे निगरानी में रहने को कहा गया है. किसानों को खेतों में पड़ी धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज बारिश और हवाओं से फसल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है. योगी सरकार ने नगर निगमों को भी आदेश दिया है कि जलभराव और नालों की सफाई पर फौरन काम शुरू करें, ताकि बारिश के बीच किसी तरह की अव्यवस्था न हो.
आने वाले 48 घंटे उत्तर भारत के लिए भारी !
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मोंथा के गुजरने के बाद ठंड और बढ़ जाएगी. बारिश के कारण जमीन का तापमान घटेगा, जिससे नवंबर की शुरुआत में ही जनवरी जैसी ठिठुरन महसूस की जा सकती है. इस बार ला नीना प्रभाव के चलते वैसे भी ज्यादा ठंड पड़ने की संभावना है यानी मोंथा तूफान सिर्फ बारिश और हवा का नहीं, बल्कि कड़ाके की सर्दी के आगाज का भी संकेत है. आने वाले 48 घंटे पूरे उत्तर भारत के लिए निर्णायक माने जा रहे हैं और अगर मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही निकली, तो ये अक्टूबर का सबसे ठंडा और सबसे तूफानी अंत साबित होगा.