देश के कई हिस्सों में भारी बारिश कहर बनकर टूट रही है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। शहडोल में 3000 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है, उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर पुल बह गया है और बद्रीनाथ जाने वाला मार्ग लैंडस्लाइड से बंद है। वहीं, हिमाचल और राजस्थान में बारिश से सड़कें टूट गई हैं और हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
शहडोल में 4 इंच बारिश, अस्पताल और रेलवे ट्रैक डूबे
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में बीते 24 घंटे में हुई करीब 4 इंच बारिश ने शहर को डुबो दिया। 3000 से ज्यादा घरों में पानी भर गया और अस्पतालों में मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। रेलवे ट्रैक पानी में डूब गया, जिससे ट्रेनें करीब 4 घंटे तक प्रभावित रहीं। जिस वजह से मरीजों को ऊपर की मंजिलों पर शिफ्ट करना पड़ा. वहीं शहर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और पटरी में पानी भर गया, जिसके कारण ट्रेन सेवाएं लगभग चार घंटे बंद रहीं. थाना परिसर, एटीएम तक पानी में डूबे हुए हैं,प्रशासन ने राहत‑बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं.
यमुनोत्री हाईवे पर पुल बहा, बद्रीनाथ मार्ग बंद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी इलाके में पुल बहने से संपर्क टूट गया है। वहीं, श्रीनगर में भूस्खलन के चलते बद्रीनाथ हाईवे को बंद कर दिया गया है। दोनों जगहों पर तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के ओजरी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते एक पुल बह गया, जिससे सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया. वहीं श्रीनगर, चमोली और चंबा जिले स्थित बद्रीनाथ हाईवे पर भारी लैंडस्लाइड के बाद मार्ग बंद कर दिया गया, SDRF‑ NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. बता दें कि कड़ाके की बारिश से उत्तारकाशी में बादल फटने की भी घटनाएं हुई. यमुनोत्री और बद्रीनाथ मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, कुछ स्थानों पर यात्री भी फंसे रहे. वहीं अब सरकारी स्तर पर लैंडस्लाइड अलर्ट जारी किया गया है और मलबा हटाने की कार्रवाई जारी है.
झुंझुनूं में सड़क बही, हिमाचल में 269 सड़कें बंद
राजस्थान के झुंझुनूं में बाघोली नदी के तेज बहाव से NH-52 को जोड़ने वाली सड़क धंसकर बह गई। सीकर में भी नाले उफान पर हैं। हिमाचल प्रदेश में 20 जून से 6 जुलाई तक 19 बादल फटने, 23 बाढ़ और 19 लैंडस्लाइड की घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है।