
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग की गुत्थी अब सुलझ चुकी है। इस वारदात में शामिल शूटर रविन्द्र उर्फ़ कल्लू अपनी ‘टशन’ और लापरवाही के कारण पुलिस के शिकंजे में आ गया। जहां बाकी शूटरों ने चेहरा ढक रखा था, वहीं रविन्द्र ने बेखौफ होकर चेहरा खुला ही छोड़ा। यही गलती उसके लिए मौत का सबब बनी और पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर गई।
बाइक से लेकर फायरिंग तक… सब कैमरे में कैद
जांच में सामने आया कि बरेली से लेकर गाजियाबाद तक शूटरों की हर गतिविधि CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई। जिस अपाचे बाइक पर फायरिंग हुई, वही बाइक पुलिस ने बरामद कर ली। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि बाइक चला रहे शूटर ने हेलमेट पहन रखा था, लेकिन पीछे बैठे रविन्द्र का चेहरा साफ नजर आ रहा था। पुलिस के मुताबिक यही सुराग STF को एनकाउंटर तक ले गया।
गोल्डी बराड़ गैंग की साजिश
ये पूरी साजिश विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने रची थी। उनके हैंडलर ने पांच शूटरों को बरेली भेजा। 11 सितंबर को ये लोग होटल में रुके, लेकिन एक शूटर की तबीयत बिगड़ने पर वह लौट गया। इसके बाद चार बदमाशों ने मिशन को अंजाम देने की तैयारी की। 12 सितंबर को दो बाइकों पर ये शूटर दिशा पाटनी के घर पहुंचे। अपाचे बाइक पर रविन्द्र और अरुण, जबकि स्प्लेंडर पर नकुल और विजय सवार थे। गोली चलाने की जिम्मेदारी रविन्द्र ने ली। CCTV में वह साफ-साफ घर की ओर निशाना साधकर फायर करता दिखाई दिया।
गाजियाबाद एनकाउंटर: दो ढेर, दो फरार
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर लगातार ट्रैकिंग के बाद STF ने गाजियाबाद में मुठभेड़ की। इस एनकाउंटर में रविन्द्र उर्फ कल्लू और अरुण मारे गए। जबकि नकुल और विजय अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि इनका मकसद सिर्फ फायरिंग नहीं बल्कि इलाके में दहशत फैलाना भी था।
ये भी पढ़ें : Patna में Shah-Nitish की गुपचुप बैठक, होटल मौर्या में चली चुनावी चालें, NDA की डील पर लगी मुहर!
बरामद हथियार और जिगाना पिस्टल का कनेक्शन
एनकाउंटर के बाद STF ने तुर्की मेड जिगाना पिस्टल और ऑस्ट्रिया मेड ग्लॉक पिस्टल बरामद किए है। जिगाना पिस्टल हाल के वर्षों में अपराध जगत का पसंदीदा हथियार बन चुकी है। इसी से अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की गई थी और सिद्धू मूसेवाला केस में भी इसका इस्तेमाल हुआ था।
हथियारों की तस्करी का नेटवर्क
वहीं पकड़े गए आर्म्स सप्लायर सलीम पिस्टल ने कबूल किया था कि भारत में सबसे पहले जिगाना पिस्टल उसी ने पहुंचाई। ये हथियार ड्रोन से पाकिस्तान बॉर्डर पर गिराए जाते हैं और नेपाल एयर कार्गो के जरिए भी देश में घुसाए जाते हैं।
जगदीश पाटनी ने सीएम योगी का जताया आभार
वहीं दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी ने सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने भरोसे के मुताबिक तुरंत कार्रवाई कर अपराधियों को ढूंढ निकाला। उन्होंने कहा कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में भयमुक्त समाज की परिकल्पना साकार हो रही है। इस पूरे केस ने साबित कर दिया कि अपराधियों की छोटी-सी लापरवाही भी उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर सकती है। रविन्द्र की खुली ‘हेकड़ी’ ही उसके गिरोह के लिए सबसे बड़ी कमजोरी बन गई।